| नरेश गुनानी
जयपुर, 27 मार्च 2026 राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव देखा जा रहा है। राज्य सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, बच्चों के पोषण स्तर में सुधार और आंगनबाड़ियों के सुदृढ़ीकरण के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ क्रियान्वित की जा रही इन योजनाओं का सीधा लाभ प्रदेश की लाखों महिलाओं और बालिकाओं तक पहुँच रहा है।
मातृ स्वास्थ्य और पोषण में राजस्थान अग्रणी
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है। जनवरी 2026 की मासिक रैंकिंग में राजस्थान देश में प्रथम और फरवरी 2026 में द्वितीय स्थान पर रहा।
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: अब तक 11 लाख 52 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं को 553 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए हैं।
- मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना: 3 वर्ष तक के बच्चों और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण के लिए 5 लाख 15 हजार से अधिक लाभार्थियों को 172 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया जा चुका है।
आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प और तकनीक का उपयोग
बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाया जा रहा है:
- अपग्रेडेशन: 6,200 से अधिक मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को मुख्य केंद्रों में बदला गया है और 2,365 केंद्रों को ‘आदर्श आंगनबाड़ी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- डिजिटलाइजेशन: कार्य में पारदर्शिता और गति लाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को 20,085 स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए हैं।
- पोषण और शिक्षा: ‘मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना’ के तहत बच्चों को सप्ताह में 5 दिन गर्म दूध दिया जा रहा है। साथ ही, नई शिक्षा नीति के तहत 60 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को ‘पोषण भी-पढ़ाई भी’ का प्रशिक्षण दिया गया है।
लाड़ो प्रोत्साहन और बेटी बचाओ अभियान
बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार ने वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की है:
- लाड़ो प्रोत्साहन योजना: बेटी के जन्म पर 1.50 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। अब तक 6.53 लाख बालिकाओं को इसकी प्रथम किस्त मिल चुकी है।
- बेटी जन्मोत्सव: प्रदेश में लगभग 34 हजार ‘बेटी जन्मोत्सव’ कार्यक्रम आयोजित कर समाज में सकारात्मक संदेश दिया गया है, जिसके तहत 2.72 लाख वृक्षों का रोपण भी किया गया।
महिला उद्यमिता और सुरक्षा के बढ़ते कदम
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष केंद्र संचालित हैं:
- नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन: महिला उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 2,991 आवेदनों को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 230 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण स्वीकृत हुआ है।
- पन्नाधाय सुरक्षा केंद्र: जिला मुख्यालयों पर संचालित इन केंद्रों के माध्यम से 5.48 लाख महिलाओं और छात्राओं को परामर्श दिया गया है।
- सामूहिक विवाह: ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के माध्यम से 7,471 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
