सौर ऊर्जा के विस्तार, प्रसारण और वितरण की बनेगी व्यापक योजना; उपभोक्ताओं को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण बिजली
जयपुर, 08 जुलाई / नरेश गुनानी/राजस्थान ने देश के अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर राजस्थान सरकार और 128 देशों के वैश्विक समूह इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ। राजस्थान देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जिसके साथ आईएसए ने ‘फ्रामवर्क फॉर एक्शन-एडवांस क्लीन एनर्जी, ड्रिवन सस्टेनेबल डवलपमेंट’ पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी प्रमाणित करती है कि राजस्थान सौर ऊर्जा के क्षेत्र में न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।
इस महत्वपूर्ण समझौते पर राज्य सरकार की ओर से ऊर्जा सचिव आरती डोगरा तथा इंटरनेशनल सोलर अलायंस के महानिदेशक आशीष खन्ना ने हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सौर ऊर्जा को बनाया वैश्विक जन-आंदोलन: मुख्यमंत्री
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज जलवायु परिवर्तन से निपटने के वैश्विक प्रयासों की अगुवाई कर रहा है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस भी प्रधानमंत्री की इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसने सौर ऊर्जा को एक वैश्विक जन-आंदोलन का स्वरूप दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा:
”आज हस्ताक्षरित हुआ फ्रेमवर्क फॉर एक्शन स्वच्छ, सुरक्षित और भविष्य के अनुरूप ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस साझेदारी से राजस्थान परंपरागत ऊर्जा से नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) की ओर तेजी से बढ़ेगा। इसके तहत सौर ऊर्जा के विस्तार, प्रसारण और वितरण की व्यापक योजना तैयार की जाएगी, जिससे राज्य की बिजली आपूर्ति में बड़ा सुधार आएगा और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी।”
अक्षय ऊर्जा में राजस्थान की वैश्विक और राष्ट्रीय स्थिति
- देश में प्रथम: राजस्थान अपनी अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण देश का अग्रणी अक्षय ऊर्जा राज्य है।
- वर्तमान क्षमता: राज्य में वर्तमान में 22 गीगावॉट से अधिक स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता है, जो देश में सर्वाधिक है। वहीं, कुल स्वच्छ ऊर्जा क्षमता लगभग 44 गीगावॉट तक पहुंच चुकी है।
- भविष्य का लक्ष्य: राजस्थान इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी के तहत 125 गीगावॉट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता विकसित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है।
- पीएम कुसुम योजना: इस योजना के माध्यम से 4 गीगावॉट से अधिक सौर क्षमता विकसित कर प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
एआई (AI) तकनीक से सुधरेगा बिजली ढांचा, अजमेर में पायलट प्रोजेक्ट
ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ऊर्जा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इस फ्रेमवर्क के तहत बिजली सेवाओं के विस्तार और सुधार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा।
प्रमुख तकनीकी पहल और लाभ:
- एनर्जी ट्रांजिशन प्लान: वर्ष 2030-35 की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ऊर्जा बदलाव की योजना बनेगी। इसमें ग्रिड आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण (स्टोरेज), मांग प्रबंधन और नीतिगत सुधार शामिल होंगे।
- डिजिटल ट्विन तकनीक (Digital Twin Technology): अजमेर विद्युत वितरण निगम में इस आधुनिक तकनीक पर आधारित एक पायलट परियोजना शुरू की जाएगी। इससे बिजली की मांग का सटीक आकलन, बेहतर नेटवर्क प्लानिंग और उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
- वैश्विक प्रशिक्षण: इस सहयोग से राजस्थान के इंजीनियरों और अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण, ज्ञान साझाकरण (नॉलेज शेयरिंग) और क्षमता निर्माण के अवसर मिलेंगे।
आईएसए के महानिदेशक आशीष खन्ना ने राज्य सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि अनुकूल योजनाओं की बदौलत राजस्थान सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश में और भारत पूरे विश्व में दूसरे पायदान पर पहुंच चुका है।
पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
समझौते के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना में अपेक्षित गति लाने के निर्देश दिए और मुख्य सचिव को इस योजना की नियमित मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी।
मुख्यमंत्री ने पीएम कुसुम योजना, आरडीएसएस (RDSS), बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली और ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सख्त हिदायत दी कि मानसून के मौसम में किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना न हो और घरेलू उपभोक्ताओं, उद्योगों तथा किसानों को पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
बैठक में उपस्थिति:
इस कार्यक्रम और समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, ऊर्जा शासन सचिव आरती डोगरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर तथा जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।