राजस्थान पेट्रो जोन पचपदरा में भूखंड आवंटन शुरू, रिफाइनरी से निकलने वाले उत्पादों से लगेंगे नए उद्योग
नरेश गुनानी •
जयपुर, 24 अक्टूबर 2025। पचपदरा (बालोतरा) में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) के निकट स्थापित राजस्थान पेट्रो जोन (RPZ) में भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रिफाइनरी में शीघ्र ही वाणिज्यिक उत्पादन आरंभ होने जा रहा है, जिससे डाउनस्ट्रीम उत्पादों के उपयोग के लिए उद्योगों की मांग तेजी से बढ़ी है।
रीको ने प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 के तहत पॉलिमर-आधारित उद्योगों के लिए 11 भूखंडों के ऑफर लेटर जारी किए हैं, जिनसे करीब 65 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके अलावा 25 उद्यमियों ने “राइजिंग राजस्थान” के तहत पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक उद्योग लगाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इन एमओयू से करीब 200 करोड़ रुपये का निवेश और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की उम्मीद है।
राजस्थान देश में क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस उत्पादन में अग्रणी राज्य है। अब आरपीजेड में लगने वाले पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक उद्योगों से प्रदेश इस क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभाने जा रहा है।
तकनीकी योग्यता रखने वाले लेकिन पूंजी की कमी से जूझ रहे उद्यमियों के लिए रीको प्लग एंड प्ले फैक्ट्री शेड्स का निर्माण भी कर रहा है। आरपीजेड में लगभग 8 फैक्ट्री शेड, प्रत्येक की कीमत करीब 3 करोड़ रुपये, तैयार किए जा रहे हैं ताकि ऐसे उद्यमी आसानी से उद्योग शुरू कर सकें।
आरपीजेड रिफाइनरी से मात्र 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यह अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे तथा राष्ट्रीय राजमार्ग 25 से जुड़ा हुआ है। इस क्षेत्र में प्लास्टिक, पॉलिमर प्रोसेसिंग, रबर, पीयू मैन्युफैक्चरिंग, टेक्निकल टेक्सटाइल, केमिकल और फार्मास्यूटिकल उद्योगों में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं।
इन उद्योगों में प्रोपलीन, बेंजीन, टोल्यून और ब्यूटाडाइन जैसे फीडस्टॉक का उपयोग किया जाएगा। परियोजना के पहले चरण में LLDPE और HDPE आधारित डाउनस्ट्रीम उद्योगों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी।
आरपीजेड के विकसित होने से रिफाइनरी से निकलने वाले उत्पादों का उपयोग स्थानीय स्तर पर ही संभव होगा, जिससे परिवहन लागत कम होगी और प्रदेश में पेट्रोकेमिकल उद्योगों का नया औद्योगिक हब विकसित होगा।