राजस्थान पुलिस भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी पकड़ा गया, एआई तकनीक से खुलास
जयपुर, 15 सितम्बर 2025। गौरव कोचर। टेलीग्राफ टाइम्स।
राजस्थान पुलिस भर्ती परीक्षा में हेरा-फेरी का बड़ा मामला सामने आया है। जयपुर पश्चिम के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में परीक्षा केंद्र पर फिंगरप्रिंट जांच के दौरान एक डमी अभ्यर्थी पकड़ा गया। आरोपी का नाम सुभाष सिंह (पुत्र रामजीराम गुर्जर, उम्र 26 वर्ष, निवासी गांव बफरका पुया, जिला धौलपुर, हाल निवासी मानसरोवर, जयपुर) बताया गया है।
कैसे हुआ खुलासा
फिंगरप्रिंट मिलान में गड़बड़ी सामने आने पर पुलिस ने गहन पूछताछ की। तकनीकी जांच में यह तथ्य सामने आया कि सुभाष सिंह ने इससे पहले भी 1 जून 2025 को अपने दोस्त विकास के स्थान पर Pre D.El.Ed. परीक्षा 2025 दी थी। एआई तकनीक से किए गए मिलान ने पुष्टि कर दी कि उसने पूर्व में भी किसी और के नाम से परीक्षा दी थी।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनीष अग्रवाल के निर्देश पर जयपुर पश्चिम के पुलिस उपायुक्त हनुमान प्रसाद मीणा ने तुरंत विशेष टीम का गठन किया। थाना हरमाड़ा पुलिस की टीम ने आरोपी को डिटेन कर पूछताछ की और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सुभाष सिंह ने अपने दोस्त विकास (निवासी ग्राम बर्दमाना, थाना सैपऊ, जिला धौलपुर) के स्थान पर परीक्षा दी थी। इस मामले में आरोपी के खिलाफ राजस्थान परीक्षा अनुचित साधन उपयोग अधिनियम, 2022 समेत कई धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस का सख्त रुख
पुलिस का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों और नकलचियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एआई तकनीक और बायोमैट्रिक जांच की मदद से ऐसे मामलों का तुरंत खुलासा कर दोषियों को कानून के हवाले किया जाएगा।