राजस्थान पुलिस – जन सुरक्षा और कानून व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता
जयपुर, 20 अगस्त | By गौरव कोचर | टेलीग्राफ टाइम्स
प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान सरकार ने पुलिसिंग पर सख्त निगरानी की पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने भरतपुर रेंज की समीक्षा बैठक ली और स्पष्ट किया कि प्रभावी पुलिसिंग ही बेहतर कानून-व्यवस्था की कुंजी है।
इस बैठक में अपराध नियंत्रण, संगठित अपराध, साइबर क्राइम, अवैध खनन और लंबित प्रकरणों की स्थिति पर गहन चर्चा की गई। डीजीपी ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए तथा अपराधियों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में पाया गया कि कुछ अधिकारी अपने कार्यों के प्रति उदासीन रहे हैं। इस कारण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर राम कुमार कसवां और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डीग अखलेश कुमार शर्मा को परामर्श ज्ञापन (एडवाइजरी मेमो) जारी किया गया है। वहीं, हिंडौन वृताधिकारी गिरधर सिंह और गंगापुर सिटी वृताधिकारी संतराम मीना को तत्काल प्रभाव से पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में (एपीओ) किया गया है।
ट्रैफिक और नाकाबंदी व्यवस्था पर सख्ती
डीजीपी ने सभी थाना क्षेत्रों में कड़ी नाकाबंदी करने और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क हादसों को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने और वहां ठोस व्यवस्थाएं विकसित करने के आदेश दिए।
नए आपराधिक कानूनों का क्रियान्वयन
बैठक में गत वर्ष लागू हुए नए आपराधिक कानूनों के सही क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई। डीजीपी ने अधिकारियों से कहा कि वे इन प्रावधानों का गहन अध्ययन कर इन्हें पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ लागू करें, ताकि न्याय प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो सके।
इस समीक्षा बैठक में पुलिस महानिरीक्षक भरतपुर कैलाश विश्नोई, भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर के पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डीग सहित समस्त जिलों के वृताधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।