जयपुर/ नरेश गुनानी/राजस्थान पुलिस ने बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करने के लिए सितंबर माह को ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान’ जन-जागरूकता माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में यह विशेष अभियान महीने भर व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जीवाड़े और आधुनिक साइबर खतरों से बचाव के प्रति जागरूक करना है।
प्रशासनिक व्यवस्था और नोडल अधिकारी
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए राज्य स्तर पर पुलिस अधीक्षक-1 (R4C) को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला स्तर पर गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए संबंधित जिलों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) को जिला नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स की सुरक्षा पर विशेष फोकस
आधुनिक साइबर अपराधों, विशेषकर फर्जी जांच एजेंसियों के नाम पर होने वाले ‘डिजिटल अरेस्ट’ और फर्जी निवेश योजनाओं के शिकार अक्सर बुजुर्ग होते हैं। इसके मद्देनजर पुलिस थानों के साइबर सेल अधिकारी पेंशन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष जागरूकता सत्र आयोजित करेंगे।
स्कूल, कॉलेजों में कार्यशालाएं और मानव श्रृंखला
शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों में:
- व्याख्यान, सेमिनार, कार्यशालाएं और साइबर क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
- युवाओं में साइबर सुरक्षा की भावना मजबूत करने के लिए छात्र-छात्राओं द्वारा एक दिवसीय मानव श्रृंखला बनाकर सुरक्षा का संदेश प्रसारित किया जाएगा।
सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक और प्रचार स्टॉल
प्रमुख बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर आमजन को जोड़ने के लिए:
- नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा।
- साइबर जागरूकता स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां सूचनात्मक पोस्टर, ब्रोशर और ऑडियो-वीडियो माध्यमों से साइबर ठगी के सामान्य तरीकों व उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी जाएगी।
युवाओं की भागीदारी: खेल गतिविधियां और रैलियां
अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए एनएसएस (NSS), एनसीसी (NCC) कैडेट्स और साइबर स्वयंसेवकों को शामिल किया जा रहा है। आरएसी (RAC) इकाइयों तथा जिला खेल अधिकारियों के सहयोग से साइबर जागरूकता दौड़ और साइकिल रैलियों का आयोजन किया जाएगा।
ग्रामीण स्तर तक पहुंचेगा संदेश
अभियान केवल शहरों तक सीमित न रहकर सुदूर गांवों तक पहुंचेगा। इसके लिए डाक विभाग (जिला मुख्य डाकपाल) और पंचायती राज विभाग के समन्वय से ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता सत्र और गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
मीडिया और सोशल मीडिया का बहुआयामी उपयोग
अभियान की पहुंच अधिकतम करने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, सिनेमा और खेल जगत के प्रमुख चेहरों से वीडियो अपील जारी करवाई जाएंगी। साथ ही स्थानीय एफएम रेडियो, केबल टीवी, सिनेमा हॉल और सार्वजनिक डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड्स के जरिए हिंदी एवं स्थानीय बोलियों में जागरूकता संदेशों का निरंतर प्रसारण किया जाएगा।