राजस्थान पुलिस का ‘महिला सुरक्षा संकल्प’ अभियान: DGP राजीव कुमार शर्मा के नेतृत्व में प्रदेशभर में जागरूकता की धूम; 1.5 लाख महिलाओं से सीधा संवाद

जयपुर, 16 जुलाई 2026 / गौरव कोचर/राजस्थान में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान पुलिस द्वारा एक बेहद प्रभावी और वृहद अभियान ‘महिला सुरक्षा संकल्प’ चलाया जा रहा है। महानिदेशक पुलिस (DGP) राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में शुरू हुआ यह राज्यव्यापी अभियान 1 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी पुलिस जिलों में जमीनी स्तर पर व्यापक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

​राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी और सशक्त समन्वय

​इस महत्वपूर्ण अभियान के सफल, सुचारू और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा दो वरिष्ठ महिला अधिकारियों को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है:

  • ​सुनीता मीना (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कम्युनिटी पुलिसिंग)
  • ​नविता खोखर (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सिविल राइट्स शाखा)

​ये दोनों अधिकारी सभी जिलों की पुलिस टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर विभिन्न सुरक्षा और जागरूकता गतिविधियों का संचालन करवा रही हैं।

​ऐतिहासिक महा-संवाद: 1.5 लाख महिलाओं की भागीदारी और 1,588 वॉलंटियर्स का सम्मान

​अभियान के तहत राजस्थान के सभी जिलों में एक विशाल महा-संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 1.5 लाख महिलाओं और बालिकाओं ने ऐतिहासिक रूप से हिस्सा लिया।

​महिला सुरक्षा को जन-आंदोलन बनाने का प्रयास:

इस मुहिम में धरातल पर असाधारण कार्य करने वाली 1,588 उत्कृष्ट महिला वॉलंटियर्स को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इन सम्मानित महिलाओं में सुरक्षा सखी, महिला सीएलजी (CLG) सदस्य, राजीविका समूह की महिलाएं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी और स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) से जुड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं, जिन्होंने स्थानीय स्तर पर महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण में पुलिस का सहयोग किया है।

 

​धरातल पर संचालित बहुआयामी गतिविधियाँ

​यह अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहकर ज़मीनी स्तर पर बदलाव ला रहा है। इसके तहत निम्नलिखित प्रमुख गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं:

  • ​सम्पर्क सभा और जेंडर सेंसिटाइजेशन (1 जुलाई): अभियान की शुरुआत में पुलिस कर्मियों को महिला अपराधों के प्रति अधिक संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया गया। इसमें पुलिस कर्मियों को बीट स्कीम, कालिका पेट्रोलिंग एसओपी, पोक्सो (POCSO) एक्ट और नए कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी बालिकाओं और गृहणियों से ऑनलाइन संवाद कर उनके अनुभव साझा किए गए।
  • ​हजारों महिला वॉलंटियर्स से सीधा संवाद (8 जुलाई): प्रत्येक जिले में 3,000 से 5,000 महिला वॉलंटियर्स (सुरक्षा सखी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, साथिन, एनसीसी/एनएसएस कैडेट्स) के साथ सीधा जनसंवाद स्थापित किया गया।
  • ​वंचित क्षेत्रों में दस्तक: स्थानीय पुलिस टीमें स्लम बस्तियों, ईंट-भट्टों, फैक्ट्रियों, निर्माण स्थलों और कच्ची बस्तियों में जाकर महिला श्रमिकों व बच्चियों को सुरक्षित माहौल देने का प्रयास कर रही हैं। यहाँ ‘गुड टच-बैड टच’, वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर और बुनियादी सुरक्षा नियमों की जानकारी दी जा रही है।
  • ​बुजुर्ग महिलाओं की सुरक्षा: ‘वरिष्ठ जन संबल – सीनयर्स नॉट अलोन’ योजना के अंतर्गत बीट अधिकारी और थानाधिकारी अकेले रहने वाले बुजुर्ग दंपतियों और एकल बुजुर्ग महिलाओं के घर-घर जाकर उनकी सुरक्षा का जायजा ले रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।

​असामाजिक तत्वों पर कड़ा प्रहार: तैनात होंगी विशेष विंग्स

​महिलाओं को सुरक्षित और भयमुक्त माहौल देने के लिए जिला पुलिस अधीक्षकों (SPs) को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं:

  • ​डिकॉय ऑपरेशन्स: कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और एंटी रोमियो स्क्वाड के सदस्य सादे कपड़ों में सिटी बसों, स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों, मॉल्स, पार्कों और पर्यटक स्थलों जैसे हॉटस्पॉट्स पर तैनात रहकर मनचलों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
  • ​अंतर-विभागीय बैठक (22 जुलाई): आगामी 22 जुलाई को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में महिला एवं बाल विकास, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित 15 से अधिक सरकारी विभागों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें महिला सुरक्षा के लिए एक साझा और सुदृढ़ रणनीति तैयार होगी।

​आगामी कार्यक्रम: 29 जुलाई को विशाल पैदल मार्च

​इस अभियान का समापन 29 जुलाई 2026 को होगा। इस दिन पूरे राजस्थान में जन-जागरूकता को और मजबूती देने के लिए विशाल पैदल मार्च और भव्य जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी, जिसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

​आपात स्थिति में तुरंत लें मदद: ये हैं आपके सारथी

​राजस्थान पुलिस ने प्रदेश की महिलाओं और आमजन से अपील की है कि वे महिला सुरक्षा को अपना सामाजिक दायित्व समझें। किसी भी आपात स्थिति, संदिग्ध गतिविधि या सहायता के लिए निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों और माध्यमों का उपयोग तुरंत करें:

हेल्पलाइन का नाम

टोल-फ्री नंबर / माध्यम

कार्य

महिला गरिमा हेल्पलाइन

1090

24×7 आपातकालीन सहायता और परामर्श

पुलिस आपातकालीन सेवा

112

त्वरित पुलिस सहायता

महिला हेल्पलाइन

181

सहायता एवं शिकायत दर्ज कराने हेतु

साइबर सुरक्षा हेल्पलाइन

1930

ऑनलाइन/साइबर अपराधों की रिपोर्ट के लिए

डिजिटल प्लेटफॉर्म

राजकॉप सिटिजन एप (RajCop Citizen App)

तुरंत रिपोर्ट दर्ज करने और स्टेटस ट्रैक करने के लिए

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