राजस्थान पुलिस और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के बीच एमओयू

राजस्थान पुलिस और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के बीच एमओयू

स्मार्ट पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा, आंतरिक व सार्वजनिक सुरक्षा प्रणाली होगी और अधिक मजबूत

गौरव कोचर 

जयपुर, 25 नवम्बर 2025।
राजस्थान पुलिस और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू), गुजरात के बीच पुलिसिंग के क्षेत्र में अकादमिक, प्रशिक्षण और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। पुलिस मुख्यालय में हुए इस एमओयू को राज्य की आंतरिक और सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था को उच्च स्तर तक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

स्मार्ट पुलिसिंग और तकनीकी दक्षता में बढ़ेगी क्षमता

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस लगातार आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में उत्कृष्टतम प्रथाओं को अपना रही है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किए गए सुरक्षा नवाचार देशभर में उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। एमओयू के बाद राजस्थान पुलिस और अधिक विशेषज्ञता, तकनीकी दक्षता एवं पेशेवर क्षमता के साथ कार्य कर सकेगी।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, आंतरिक सुरक्षा और संवेदनशील परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया जैसे क्षेत्रों में इस साझेदारी से अत्यधिक लाभ मिलेगा। राज्य में पुलिस शिक्षा और प्रशिक्षण को भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा सकेगा।

विशेष परिस्थितियों में आरआरयू के विशेषज्ञों की सहायता लेकर बड़े मामलों और महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौतियों का सामना अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

आरआरयू का अनुभव राजस्थान पुलिस की रणनीति को करेगा मजबूत

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. बिमल एन. पटेल ने बताया कि विश्वविद्यालय साइबर सुरक्षा तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अब तक 82 देशों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने वाले इस विश्वविद्यालय की विश्लेषणात्मक और अकादमिक विशेषज्ञता राजस्थान पुलिस की रणनीतिक और परिचालन क्षमताओं को नई दिशा देगी।

उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस आरआरयू के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, विशेष कोर्सों और अनुसंधान मॉड्यूल्स का लाभ आसानी से उठा सकेगी। इससे सुरक्षा प्रबंधन, आपराधिक जांच, आधुनिक पुलिसिंग और डिजिटल अपराधों की जांच में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

एमओयू से क्या बदलेगा? — मुख्य लाभ

1. विशेषज्ञता का आदान-प्रदान

  • फैकल्टी, पुलिस अधिकारियों और शोधकर्ताओं के विनिमय कार्यक्रम
  • आतंकवाद-रोधी रणनीति, साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक और इंटेलिजेंस मैनेजमेंट पर साझा ज्ञान

2. संयुक्त अनुसंधान एवं नवाचार

  • साक्ष्य-आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा
  • डेटा-आधारित रणनीतियाँ और नीति निर्माण
  • नई तकनीकों व नवाचारों पर संयुक्त प्रोजेक्ट

3. कौशल विकास एवं उच्च शिक्षा के अवसर

  • पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उच्च शिक्षा और प्रोफेशनल कोर्स
  • आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए उन्नत प्रशिक्षण
  • प्रशिक्षकों और अधिकारियों की दक्षता में वृद्धि

समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

एमओयू पर राजस्थान पुलिस की ओर से उप महानिरीक्षक पुलिस (प्रशिक्षण) शरद चौधरी और आरआरयू की ओर से डीन अविनाश खारेल ने हस्ताक्षर किए।
कार्यक्रम में महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण एवं यातायात) अनिल पालीवाल ने एमओयू के लाभों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
कानून-व्यवस्था के महानिदेशक संजय कुमार अग्रवाल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया।

राजस्थान पुलिस—आधुनिक सुरक्षा तंत्र की ओर निर्णायक कदम

राष्ट्रीय सुरक्षा, पुलिस प्रशासन, साइबर सुरक्षा और डिजिटल फॉरेंसिक में विशेषज्ञता रखने वाला राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय इस एमओयू के माध्यम से राजस्थान पुलिस को नई ऊँचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विशेष प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से राज्य की पुलिसिंग व्यवस्था और अधिक वैज्ञानिक, आधुनिक और कुशल बन सकेगी।

 

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