राजस्थान पुलिस अकादमी देश में प्रथम: मुख्यमंत्री ने ई-विजिटर्स और ई-जीरो FIR पोर्टल का किया शुभारंभ
| नरेश गुनानी
जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान पुलिस के सशक्तिकरण और नवाचारों को लेकर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने पुलिसिंग को आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पोर्टल लॉन्च किए और अधिकारियों को भविष्य के लिए नए दिशा-निर्देश दिए।

प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के लिए नया रोडमैप
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में अनुभव के हस्तांतरण पर जोर देते हुए दो प्रमुख सुझाव दिए:
- प्रशिक्षण के लिए 100 घंटे: वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अपने कनिष्ठ (Junior) अधिकारियों के कौशल विकास और प्रशिक्षण के लिए प्रति वर्ष कम से कम 100 घंटे समर्पित करने चाहिए।
- थाना गोद लेने की पहल: जिन पुलिस अधिकारियों के पास 10 वर्ष से अधिक की सेवा का अनुभव है, उन्हें एक-एक पुलिस स्टेशन को ‘गोद’ लेना चाहिए ताकि जमीनी स्तर पर कार्यप्रणाली में सुधार लाया जा सके।
राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) को मिला ‘उत्कृष्ट संस्थान’ का दर्जा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गौरवपूर्ण जानकारी साझा की कि भारत सरकार के क्षमता संवर्धन आयोग द्वारा राजस्थान पुलिस अकादमी को देश का उत्कृष्ट संस्थान घोषित किया गया है।
- यह सम्मान प्राप्त करने वाली यह देश के सभी राज्यों की पहली पुलिस अकादमी बनी है।
- मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए समस्त पुलिस बल को बधाई दी और नई आपराधिक न्याय प्रणाली को लागू करने में राजस्थान को अग्रणी बनाने का आह्वान किया।
तकनीकी नवाचारों का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था को डिजिटल और सुलभ बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए:
- ई-विजिटर्स पोर्टल: थानों और कार्यालयों में आने वाले आगंतुकों के प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए।
- ई-जीरो FIR: किसी भी क्षेत्राधिकार में अपराध की रिपोर्ट तुरंत दर्ज कराने की सुविधा।
- राजस्थान पुलिस प्राथमिकता-2026: विभाग के आगामी लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को निर्धारित करने वाली पुस्तिका का विमोचन।
गृह राज्य मंत्री और डीजीपी का संबोधन
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प में पुलिस की भूमिका अहम है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में अपराधियों में भय बढ़ा है और अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने नवाचारों पर जोर देते हुए बताया कि इस सम्मेलन में मुख्य रूप से चार विषयों पर चर्चा की जाएगी:
- साइबर अपराध का मुकाबला।
- महिला सुरक्षा में तकनीक का उपयोग।
- मादक पदार्थों पर नियंत्रण।
- पुलिस का समग्र सशक्तिकरण।
कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत, पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण एवं यातायात) अनिल पालीवाल और निदेशक (RPA) संजीब कुमार नर्जरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

