राजस्थान न्यूज़ | शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का वीडियो वायरल: “मुझे अंग्रेज़ी नहीं आती बहन, हिंदी में बोलिए”
By: नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 07,2025
बारां, राजस्थान | Telegraph Times ब्यूरो दिव्या तिवाड़ी
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। यह वीडियो बारां जिले में आयोजित एक खुली जनसुनवाई के दौरान का है, जहां मंत्री महोदय आम जनता की समस्याएं सुनने पहुंचे थे।

इस 44 सेकेंड के वीडियो की शुरुआत एक छात्रा दामिनी हाड़ा के सवाल से होती है, जो शिक्षा से जुड़ी परेशानियां लेकर जनसुनवाई में पहुंची थीं। जैसे ही दामिनी अंग्रेजी में सवाल पूछना शुरू करती हैं, मंत्री दिलावर थोड़ी असहजता में मुस्कुराते हुए कान पकड़ लेते हैं और कहते हैं,
“बहन, आप हिंदी में बोलिए, मुझे अंग्रेजी नहीं आती।”
इस पर छात्रा ने मंत्री से सहजता से कहा,
“सर, आप तो शिक्षा मंत्री हैं, सभी भाषाओं का ज्ञान होगा।”
इस पर मंत्री ने हाथ जोड़कर जवाब दिया,
“कोई बात नहीं, आप हिंदी में ही बोलिए।”
छात्रा ने पूछे सवाल – सरकारी स्कूलों की स्थिति पर चिंता
इसके बाद दामिनी ने स्पष्ट हिंदी में सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और तकनीकी शिक्षा पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा:
- सरकारी स्कूलों के बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए सरकार की क्या योजनाएं हैं?
- प्राइवेट स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से पढ़ाई क्यों नहीं हो रही है?
इन सवालों के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा:
“राज्य सरकार सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की पूरी कोशिश कर रही है। कुछ बच्चों को प्राइवेट स्कूल का फोबिया होता है, इसलिए वे वहां जाना पसंद करते हैं। लेकिन हम हर सरकारी स्कूल में सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं।”
बारां जिले में हुई थी जनसुनवाई | पहले हुए जल संरक्षण कार्यक्रम में भी लिया भाग
मदन दिलावर ने यह जनसुनवाई बारां नगर परिषद सभागार में की, जहां सैकड़ों की संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इससे पहले वे ‘वन्दे गंगा, जल संरक्षण – जन अभियान’ कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी के साथ भी शामिल हुए।
जनसुनवाई के बाद मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा:
“आशीर्वाद, सम्मान, समाधान। आज बारां जिला परिषद सभागार में आयोजित खुली जनसुनवाई कार्यक्रम में पधारे देवतुल्य नागरिकों की समस्याएं सुनी एवं समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। ‘नए भारत के नए राजस्थान’ में सुशासन को समर्पित हमारी सरकार जन-जन के कल्याण व उत्थान हेतु वचनबद्ध है।”
वायरल वीडियो से उठे सवाल | क्या शिक्षा मंत्री को अंग्रेज़ी आनी चाहिए?
इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दो तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं:
- कुछ लोग मंत्री के व्यवहार को सादगी और ईमानदारी का प्रतीक बता रहे हैं।
- वहीं दूसरे वर्ग का कहना है कि एक शिक्षा मंत्री को कम से कम अंग्रेज़ी जैसी अंतरराष्ट्रीय भाषा का ज्ञान होना चाहिए, खासकर जब छात्र तकनीकी विषयों की बात करें।

