जयपुर, 21 अगस्त/ सुनील शर्मा/प्रदेश में औद्योगिक निवेश को गति देने और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के उद्देश्य से राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) के तहत बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (SLSC) की बैठक में 6 से अधिक प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के लिए विभिन्न वित्तीय एवं गैर-वित्तीय परिलाभ स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में 580 करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश धरातल पर उतरेगा और 1699 युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य शिखर अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में 25 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाले पात्र उद्यमों के प्रस्तावों की समीक्षा के बाद यह मंजूरी दी गई।
स्वीकृत परिलाभ एवं सुविधाएं
- वित्तीय एवं परिचालन प्रोत्साहन: पात्र उद्यमों को एसेट क्रिएशन इन्सेन्टिव, थ्रस्ट बूस्टर, ब्याज अनुदान और ग्रीन इन्सेन्टिव स्वीकृत किए गए हैं।
- विद्युत शुल्क में राहत: उत्पादन लागत घटाने और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए विद्युत शुल्क में विशेष छूट प्रदान की गई है।
- व्यापक कार्यक्षेत्र: योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर के साथ-साथ ग्रीन इन्वेस्टमेंट, एक्सपोर्ट प्रमोशन, तथा ट्रेनिंग एवं स्किलिंग से जुड़ी पहलों को प्राथमिकता दी गई है।
पारदर्शी प्रक्रिया और त्वरित निस्तारण
अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य शिखर अग्रवाल ने बताया कि विभाग का मुख्य लक्ष्य पात्र उद्यमियों को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से त्वरित गति से लाभ पहुंचाना है। इसके लिए जिला स्तर (DLAC) और राज्य स्तर (SLSC) पर नियमित अंतराल में बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
इस निर्णय से प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन बढ़ेगा और नए निवेशकों का राज्य के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा।