राजस्थान: डीजीपी यूआर साहू बने RPSC चेयरमैन, पुलिस महकमे में बड़े बदलाव के संकेत
Edited By : गणेश शर्मा
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 10,2025
जयपुर। राजस्थान में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार सुबह आदेश जारी कर राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (DGP) उत्कल रंजन साहू को राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। इस नियुक्ति के साथ ही राज्य में नए डीजीपी की तलाश शुरू हो गई है, जिससे पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
➤ कौन हैं उत्कल रंजन साहू?
- 1988 बैच के IPS अधिकारी साहू मूलतः ओडिशा के रहने वाले हैं।
- उन्होंने 18 नवंबर 1991 को जोधपुर में एएसपी के रूप में अपनी सेवा की शुरुआत की थी।
- अपने कार्यकाल के दौरान वे सीकर, हनुमानगढ़, बाड़मेर, बांसवाड़ा, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, धौलपुर और जोधपुर जैसे जिलों में एसपी रह चुके हैं।
- जून 2020 में उन्हें डीजी रैंक पर प्रमोट किया गया और करीब ढाई साल तक डीजी होमगार्ड्स पद पर रहे।
- 29 दिसंबर 2023 को उन्हें अस्थायी डीजीपी नियुक्त किया गया और बाद में 10 फरवरी 2024 को स्थायी डीजीपी के रूप में सेवा विस्तार दिया गया।
➤ राजस्थान को मिलेगा नया डीजीपी
साहू के RPSC चेयरमैन बनने के बाद अब राज्य को नया पुलिस महानिदेशक (DGP) मिलने जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, डीजीपी की रेस में दो वरिष्ठ IPS अफसरों – संजय अग्रवाल और राजीव शर्मा के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। पैनल की सिफारिशें केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी हैं और जल्द ही नए डीजीपी की घोषणा हो सकती है।
➤ राजनीतिक प्रतिक्रिया: गहलोत का BJP पर हमला
साहू की नियुक्ति ऐसे समय में की गई है जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में RPSC चेयरमैन की नियुक्ति में देरी को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा था।
गहलोत ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:
“चुनाव से पहले भाजपा ने युवाओं से वादा किया था कि RPSC में सुधार कर भर्तियों की प्रक्रिया तेज करेंगे, लेकिन 10 महीने में न चेयरमैन नियुक्त किया और न ही रिक्त पद भरे गए। यहां तक कि पेपर लीक में पकड़े गए सदस्य को भी नहीं हटाया गया।”
उन्होंने युवाओं के बढ़ते आक्रोश की ओर सरकार का ध्यान खींचा।
➤ RPSC में नई उम्मीद
उत्कल रंजन साहू की नियुक्ति से अब उम्मीद की जा रही है कि लंबित भर्तियों और इंटरव्यू प्रक्रिया को गति मिलेगी।
राज्य में कई नौकरियों की प्रक्रियाएं RPSC के ठप या धीमे कामकाज के कारण लंबित थीं, जिससे बेरोजगार युवा लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।
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राजस्थान में यह नियुक्ति केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि बेरोजगार युवाओं के लिए नई उम्मीद और पुलिस महकमे के लिए नई दिशा लेकर आई है।
अब देखना यह होगा कि नया डीजीपी कौन बनता है और RPSC चेयरमैन के तौर पर साहू किस तरह से आयोग में पारदर्शिता और रफ्तार ला पाते हैं।