राजस्थान डिजिफेस्ट 2026: वैश्विक एआई और डिजिटल अर्थव्यवस्था का नया नेतृत्व करने को तैयार भारत

राजस्थान डिजिफेस्ट 2026: वैश्विक एआई और डिजिटल अर्थव्यवस्था का नया नेतृत्व करने को तैयार भारत

जयपुर, 7 जनवरी 2026

| गौरव कोचर

सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजित तीन दिवसीय ‘राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026’ का भव्य समापन हुआ। समिट के अंतिम दिन ‘डेमोक्रेटाइजेशन ऑफ एआई फॉर इनोवेशन एंड इनक्लूजन’ विषय पर आयोजित फायरसाइट चैट में विशेषज्ञों ने एक स्वर में कहा कि भारत वैश्विक एआई परिदृश्य और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई परिभाषा देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

​एआई का लोकतंत्रीकरण: रणनीति और भविष्य

​चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने रेखांकित किया कि भारत के पास एआई क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए आवश्यक संसाधन, स्पष्ट रणनीति और सुदृढ़ नीतिगत ढांचा मौजूद है।

  • डेटा एक राष्ट्रीय संपत्ति: इंडिया एआई मिशन के सीईओ अभिषेक सिंह ने डेटा को ‘नई मुद्रा’ और एक रणनीतिक राष्ट्रीय संपदा करार दिया। उन्होंने बताया कि इंडिया एआई मिशन के तहत ऊर्जा, डेटा सेंटर्स, कंप्यूटेशनल मॉडल और स्किलिंग (कौशल विकास) जैसे संपूर्ण एआई स्टैक पर तेजी से काम हो रहा है।
  • समावेशी विकास: एनवीडिया (साउथ एशिया) के मैनेजिंग डायरेक्टर विशाल धूपर ने एआई के वैश्विक पहलुओं और तकनीकी नवाचार पर विचार साझा किए। चर्चा में आगामी ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ को भारत के लिए सुरक्षा और समावेशी विकास सुनिश्चित करने वाला एक मील का पत्थर बताया गया।

​राजस्थान: गुड गवर्नेंस और स्टार्टअप्स का उभरता केंद्र

​प्रदेश के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने समिट के दौरान राज्य सरकार की उपलब्धियों और विजन को साझा किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान एआई के माध्यम से ‘गुड गवर्नेंस’ की दिशा में मील के पत्थर स्थापित कर रहा है।

प्रमुख घोषणाएं और पोर्टल लॉन्च:

  1. एआई-एमएल पॉलिसी 2026: एआई और मशीन लर्निंग के लिए नई नीति।
  2. राजस्थान एआई पोर्टल: एआई संबंधी सूचनाओं और सेवाओं के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म।
  3. आई स्टार्ट एलएमएस और एवीजीसी-एक्सआर पोर्टल: नवाचार और रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए।

​समिट की बड़ी सफलताएँ (एक नज़र में)

​तीन दिवसीय आयोजन ने राजस्थान को निवेश और स्टार्टअप्स के वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है:

  • भारी निवेश: फाउंडर-इन्वेस्टर मीटिंग्स और पिच सत्रों के माध्यम से 200 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश की संभावनाएं बनीं।
  • फंड ऑफ फंड्स: राजस्थान सरकार ने स्टार्टअप्स में सह-निवेश के लिए 100 करोड़ रुपए के फंड की घोषणा की।
  • मेंटरशिप: 100 से अधिक स्टार्टअप्स को TiE और iStart के माध्यम से मेंटरशिप प्रोग्राम से जोड़ा गया।
  • क्रिएटिव हब: कॉमिककॉन में 8,867 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति ने राज्य को गेमिंग और डिजिटल स्टोरीटेलिंग के केंद्र के रूप में पेश किया।

​प्रतियोगिताएं और पुरस्कार

​समिट के दौरान युवाओं के लिए विभिन्न रोमांचक आयोजन किए गए:

  • आउटलुक रेस्पॉन: 48 घंटे के इस चैलेंज में 250 से अधिक प्रतिभागियों ने एआई और इमर्सिव तकनीक का उपयोग कर मौलिक गेम बनाए।
  • आइडियाथॉन: प्रदेश की 24 मंडलीय टीमों ने राज्य चैंपियनशिप और 50,000 रुपए की पुरस्कार राशि के लिए अपने नवाचारी विचार पेश किए।

​समिट का निष्कर्ष यह रहा कि राजस्थान अब न केवल एक पर्यटन केंद्र है, बल्कि तकनीक और उद्यमिता के क्षेत्र में भी दुनिया को राह दिखाने की क्षमता रखता है।

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