राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के.एल. जैन को ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
लोकेंद्र सिंह शेखावत
जयपुर। राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के.एल. जैन को व्यापार, वाणिज्य और उद्योग क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान और उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए प्रतिष्ठित लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड ‘मानव रत्न’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें इंटरनेशनल न्यूज़ एण्ड व्यूज़ कारपोरेशन (आईएनवीसी), यूएसए व नई दिल्ली द्वारा राजस्थान चैंबर एवं भारद्वाज फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 43वें इंडस्ट्री अकादमिक इंटरफेस कार्यक्रम के दौरान जयपुर स्थित चैंबर भवन में प्रदान किया गया।

अवार्ड सलेक्शन कमेटी के चेयरमैन डॉ. डी.पी. शर्मा ने बताया कि इस सम्मान के लिए देशभर से कुल 270 नामांकन प्राप्त हुए थे, जिनमें से डॉ. जैन को उनकी पाँच दशकों से अधिक की निरंतर सेवा, समर्पण और अद्वितीय नेतृत्व क्षमता के आधार पर चुना गया। डॉ. जैन ने अपने जीवन का अधिकांश समय राजस्थान के उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र के विकास को समर्पित किया है। उन्होंने एमएसएमई इकाइयों के विकास, निवेश संवर्धन, औद्योगिक नीति निर्माण, कराधान सुधार, निर्यात प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और उद्यमिता विकास जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके प्रयासों से राजस्थान उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली है।
डॉ. जैन के नेतृत्व में राजस्थान चैंबर ने सदैव सरकार और उद्योग जगत के बीच सेतु का कार्य किया। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार को समय-समय पर उद्योग एवं व्यापार से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराते हुए उनके समाधान के लिए सार्थक सुझाव दिए। जीएसटी सुधार, एमएसएमई इकाइयों को समय पर भुगतान, निर्यात प्रोत्साहन योजनाएँ, कराधान विसंगतियों का निवारण और निवेश आकर्षित करने के लिए नीतिगत पहल में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. जैन ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि राजस्थान के उन सभी व्यापारियों, उद्योगपतियों, उद्यमियों और चैंबर सदस्यों की है जिन्होंने उन्हें लगातार सहयोग और प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान की आर्थिक प्रगति और उद्योग जगत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना उनका संकल्प रहा है और वे भविष्य में भी राज्य सरकार के साथ मिलकर इस दिशा में कार्य करते रहेंगे। उन्होंने आईएनवीसी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इंडस्ट्री अकादमिक इंटरफेस समय की आवश्यकता है, जो शिक्षा संस्थानों को नई दिशा, उद्योग को योग्य प्रतिभा और समाज को समग्र विकास प्रदान करता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन ओ.पी. अग्रवाल, स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के चेयरमैन सुरजा राम मील, इंटरनेशनल न्यूज़ एण्ड व्यूज़ कारपोरेशन अमेरिका के डॉ. डी.पी. शर्मा, जाकिर हुसैन और भारद्वाज फाउंडेशन के संस्थापक एवं मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. पी.एम. भारद्वाज उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने इंडस्ट्री अकादमिक इंटरफेस के महत्व पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उद्योग और शैक्षणिक संस्थान आपसी सहयोग से पाठ्यक्रम को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बना सकते हैं, जिससे छात्रों को प्रायोगिक प्रशिक्षण और उद्योग को नवीनतम शोध का लाभ मिलेगा। इससे युवा रोजगार योग्य बनेंगे और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
इस अवसर पर राजस्थान चैंबर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डी.एस. भंडारी, डॉ. अरुण अग्रवाल, सुधीर पालीवाल, उपाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश, सुधीर गुप्ता, मानद महासचिव आनंद महरवाल, बृज बिहारी शर्मा सहित विभिन्न पदाधिकारी, उद्योगपति, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे। चैंबर सदस्यों ने डॉ. जैन के योगदान को अद्वितीय बताते हुए कहा कि उनका कार्य उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सेतु निर्माण में सदैव प्रेरणादायक रहा है। डॉ. जैन को यह सम्मान मिलना पूरे राजस्थान के औद्योगिक जगत के लिए गर्व की बात है।