
| सुनील शर्मा
उदयपुर, 21 मार्च 2026
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को अपने उदयपुर प्रवास के दौरान प्रदेश के आर्थिक आधार स्तंभ ‘खनन क्षेत्र’ और ‘उच्च शिक्षा’ पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के राजस्व में वृद्धि और औद्योगिक विकास के लिए खनन क्षेत्र में बड़े नीतिगत सुधारों और नवाचारों की आवश्यकता है।
RSMML मुख्यालय में उच्च स्तरीय समीक्षा
मुख्य सचिव उदयपुर के पंचवटी स्थित राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMML) मुख्यालय पहुंचे। वहां संस्थान के प्रबंध निदेशक पी. रमेश, एजीएम दीपक मेहता और वित्तीय सलाहकार भारती राज सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
बैठक के मुख्य बिंदु:
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- प्रस्तुतीकरण: प्रबंध निदेशक पी. रमेश ने संस्थान के गौरवशाली इतिहास, वर्तमान उत्पादन क्षमताओं, विक्रय व्यवस्था और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।
- प्रशासनिक प्रतिवेदन: खान एवं भू-विज्ञान विभाग के निदेशक महावीर प्रसाद मीणा ने विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक उपलब्धियों की जानकारी साझा की।
- सुधारों पर जोर: मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खनन क्षेत्र में रिफॉर्म्स (सुधारों) की संभावनाओं को चिन्हित करें। उन्होंने एक ऐसा ठोस रोडमैप तैयार करने को कहा जो न केवल उत्पादन बढ़ाए बल्कि राजस्व अर्जन में भी ऐतिहासिक वृद्धि सुनिश्चित करे।
”खनन सेक्टर में नई नीतिगत पहल और नवाचारों को अपनाना समय की मांग है। हमें आधुनिक तकनीक और पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से इस क्षेत्र की पूरी क्षमता का दोहन करना होगा।” — वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव
IIM उदयपुर में ‘विकसित भारत’ विजन पर संवाद
आरएसएमएमएल के दौरे के पश्चात, मुख्य सचिव बलीचा स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) उदयपुर पहुंचे। यहाँ उन्होंने संस्थान के शैक्षणिक वातावरण और बुनियादी ढांचे का बारीकी से अवलोकन किया।
संवाद के प्रमुख अंश:
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- अकादमिक चर्चा: उन्होंने संस्थान के फैकल्टी मेंबर्स और स्टाफ के साथ संवाद कर चल रहे शोध कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली।
- विकसित भारत @2047: मुख्य सचिव ने ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने में प्रबंधन संस्थानों की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने जोर दिया कि उच्च शिक्षण संस्थानों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप विशेषज्ञों को तैयार करना चाहिए।
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