राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में बड़ा फेरबदल — जयदीप बिहाणी आउट, दीनदयाल कुमावत नए संयोजक नियुक्त
रिपोर्ट: टेलीग्राफ टाइम्स। प्रीति बालानी Edited By : नरेश गुनानी
जयपुर, 28 जून 2025 —
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति अब स्पष्ट हो गई है। राज्य सरकार ने RCA की पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर नई तदर्थ समिति गठित कर दी है। इस नई समिति को आगामी तीन महीनों के भीतर चुनाव कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जयदीप बिहाणी की छुट्टी, धनंजय सिंह बरकरार
पूर्व संयोजक जयदीप बिहाणी की समिति से विदाई हो गई है। वहीं, धनंजय सिंह खींवसर, जो जोधपुर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं, उन्हें नई समिति में बतौर सदस्य बनाए रखा गया है।
बीजेपी नेता दीनदयाल कुमावत बने नए संयोजक
राजनीतिक हलकों में भी यह फैसला चर्चाओं में है, क्योंकि बीजेपी नेता और सवाईमाधोपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष दीनदयाल कुमावत को RCA की नई तदर्थ समिति का संयोजक नियुक्त किया गया है। इससे संगठन में नई सियासी हलचल भी देखी जा रही है।

अन्य सदस्यों में कौन-कौन शामिल?
नई कार्यकारिणी में कुल पांच सदस्य हैं:
- दीनदयाल कुमावत – संयोजक (अध्यक्ष, सवाईमाधोपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन)
- धनंजय सिंह – सदस्य (अध्यक्ष, जोधपुर क्रिकेट एसोसिएशन)
- आशीष तिवाड़ी – सदस्य (कोषाध्यक्ष, सीकर क्रिकेट एसोसिएशन)
- मोहित यादव – सदस्य (अध्यक्ष, अलवर क्रिकेट एसोसिएशन)
- पिकेंश कुमार जैन – सदस्य (सचिव, प्रतापगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन)
वैधता समाप्ति के बाद लिया गया फैसला
पूर्व समिति की नियुक्ति 28 मार्च 2024 को हुई थी, जिसकी वैधता 27 जून 2024 तक थी। लेकिन निर्धारित अवधि में चुनाव नहीं हो सके, और RCA की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, मंजू राजपाल ने पुराने आदेशों को निरस्त करते हुए नई समिति गठित करने का निर्णय लिया।
कानूनी प्रावधान के तहत कार्रवाई
यह फैसला राजस्थान क्रीड़ा (संघों का रजिस्ट्रेशन, मान्यता और विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 24(1) के तहत लिया गया है। रजिस्ट्रार ने समिति को निर्देश दिए हैं कि आगामी तीन माह के भीतर RCA के उपनियमों के अनुसार चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई जाए।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में यह बदलाव सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक संकेत भी देता है। बीजेपी नेता को संयोजक बनाए जाने से आगामी RCA चुनावों में राजनीतिक ध्रुवीकरण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
आगे क्या?
अब नजरें इस पर टिकी हैं कि RCA तीन महीनों में कितनी पारदर्शिता और निष्पक्षता से चुनाव संपन्न करवा पाता है। यदि प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हुई, तो RCA की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा हो सकता है।

