राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा, अब आमने-सामने आए दो बीजेपी नेता
Reported By: प्रीति बालानी
Edited By: गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 21, 2025
जयपुर।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में चल रहा विवाद अब और गहराता जा रहा है। नागौर जिला क्रिकेट संघ (DCA) के अध्यक्ष पद को लेकर उठे विवाद के केंद्र में अब दो भाजपा नेता आमने-सामने आ गए हैं। RCA की एडहॉक कमिटी के कन्वीनर और भाजपा विधायक जयदीप बिहानी ने डीसीए अध्यक्ष और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खीमसर के बेटे धनंजय सिंह खीमसर को नोटिस भेजते हुए दो पदों पर एक साथ कार्य करने को लेकर जवाब मांगा है। वहीं, धनंजय सिंह ने नोटिस का जवाब देने से इनकार कर दिया है, जिससे मामला और गरमा गया है।
क्या है पूरा मामला?
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के हालिया चुनावों के बाद धनंजय सिंह खीमसर जोधपुर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। इसी के साथ यह आरोप भी सामने आया कि वह नागौर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पद पर भी कार्यरत हैं, जो RCA के संविधान के विरुद्ध है। RCA के नियमानुसार कोई व्यक्ति दो अलग-अलग संघों में एक साथ अध्यक्ष पद पर नहीं रह सकता। इस आधार पर धनंजय सिंह के खिलाफ विरोध शुरू हुआ और मामला सुर्खियों में आ गया।

धनंजय सिंह का पक्ष: “मार्च में ही दिया इस्तीफा”
धनंजय सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि उन्होंने मार्च माह में ही नागौर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका कहना है कि इस्तीफा देने के बाद ही उन्होंने जोधपुर से चुनाव लड़ा और विजयी हुए। हालांकि RCA की एडहॉक कमिटी और सचिव राजेंद्र नानदु का कहना है कि उन्हें अब तक धनंजय सिंह का कोई इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है।
बिहानी ने भेजा नोटिस, मांगा जवाब
एडहॉक कमिटी के कन्वीनर जयदीप बिहानी ने धनंजय सिंह को नोटिस भेजकर उनसे आज शाम तक जवाब देने को कहा था। इस नोटिस में स्पष्ट किया गया कि यदि दो पदों पर कार्य करने का उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो कार्रवाई की जा सकती है। इसके जवाब में धनंजय सिंह ने किसी भी नोटिस का जवाब देने से इनकार कर दिया है और मामले को “राजनीतिक साजिश” बताया है।
राजनीति का रंग लेता क्रिकेट विवाद
अब यह विवाद केवल खेल जगत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि भाजपा के दो नेताओं के बीच की खींचतान के रूप में सामने आ रहा है। जयदीप बिहानी जहां नियमों की दुहाई दे रहे हैं, वहीं धनंजय सिंह इसे व्यक्तिगत हमला करार दे रहे हैं। इससे RCA के भीतर की गुटबाज़ी और आंतरिक राजनीति भी उजागर हो रही है।
आगे क्या?
अब RCA के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह स्थिति को स्पष्ट करते हुए विवाद का समाधान निकाले। यदि धनंजय सिंह का इस्तीफा सच में मार्च में दिया गया था, तो उसका दस्तावेज RCA के रिकॉर्ड में क्यों नहीं है? वहीं अगर इस्तीफा नहीं दिया गया, तो दो पदों पर एक साथ बने रहना स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन होगा।

