अलवर/ नरेश गुनानी/राजस्थान में बुनियादी ढांचे, सहकारिता और रोजगार को बड़ा संबल देते हुए 17 जिलों के लिए ₹6,453 करोड़ की लागत वाले 954 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर 10,548 नवचयनित कार्मिकों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित युवाओं व उनके परिजनों को बधाई दी और घोषणा की कि अलवर के भूरगोड़ तिराहे का नाम अब ‘कैप्टन छुट्टनलाल मीणा चौक’ होगा।

सहकारिता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा: भूपेंद्र यादव
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री द्वारा दी गई विकास परियोजनाओं से अलवर विकास के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है।
- भविष्य की मजबूत नींव: लोकार्पित और शिलान्यास किए गए कार्य केवल ईंट-पत्थरों के निर्माण नहीं, बल्कि अलवर के उज्ज्वल और सशक्त भविष्य का आधार हैं।
- चौपालों तक पहुंचा सहकार: सहकारिता को फाइलों से निकालकर गांव की चौपालों तक पहुंचाया गया है। अब सहकारिता केवल कृषि ऋण तक सीमित नहीं रही, बल्कि डेयरी, मत्स्य पालन, जैविक उत्पाद, भंडारण, ग्रामीण उद्यमिता के साथ-साथ भारत टैक्सी और पेट्रोल पंप जैसे उपक्रमों के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।
17 जिलों में ₹6,453 करोड़ के विकास कार्यों का विवरण
प्रदेश के 17 जिलों में स्वीकृत 954 विकास कार्यों का जिलावार ब्योरा:
- जयपुर: ₹1,354.18 करोड़ (47 कार्य)
- हनुमानगढ़: ₹980.30 करोड़ (152 कार्य)
- टोंक: ₹604.04 करोड़ (64 कार्य)
- अजमेर: ₹547.18 करोड़ (40 कार्य)
- भीलवाड़ा: ₹526.75 करोड़ (86 कार्य)
- नागौर: ₹386.78 करोड़ (68 कार्य)
- अलवर: ₹368.19 करोड़ (90 कार्य)
- खैरथल-तिजारा: ₹329.63 करोड़ (59 कार्य)
- सवाई माधोपुर: ₹236.36 करोड़ (33 कार्य)
- सीकर: ₹201.71 करोड़ (56 कार्य)
- कोटपूतली-बहरोड़: ₹198.83 करोड़ (67 कार्य)
- चूरू: ₹196.11 करोड़ (47 कार्य)
- झुंझुनूं: ₹168.63 करोड़ (58 कार्य)
- करौली: ₹140.05 करोड़ (27 कार्य)
- ब्यावर: ₹90.11 करोड़ (16 कार्य)
- डीडवाना-कुचामन: ₹64.69 करोड़ (16 कार्य)
- दौसा: ₹59.09 करोड़ (28 कार्य)
समारोह में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
समारोह में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री जोराराम कुमावत, गृह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जवाहर सिंह बेढ़म, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा, सांसद मदन राठौड़, विभिन्न विधायक, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।