राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले: रिफाइनरी प्रोजेक्ट को मिली संशोधित मंजूरी, ‘ग्रीन क्रेडिट वाउचर’ से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
| नरेश गुनानी
जयपुर। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास, औद्योगिक निवेश और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के बाद मंत्रियों ने मीडिया को कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत जानकारी दी।
1. रिफाइनरी परियोजना: लागत बढ़कर 79,459 करोड़ हुई, काम पूर्णता की ओर
संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि पचपदरा में निर्माणाधीन 9 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता की रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है।
- लागत में वृद्धि: परियोजना की लागत 72,937 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 79,459 करोड़ रुपये हो गई है। कैबिनेट ने मेकॉन लिमिटेड की रिपोर्ट के आधार पर इस द्वितीय संशोधित लागत को मंजूरी दे दी है।
- राज्य की हिस्सेदारी: इसमें राज्य सरकार की 26 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी के अनुरूप 6,886 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बढ़ी हुई लागत के कारण राज्य सरकार 565.24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान करेगी।
2. ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025 को मंजूरी
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने ‘ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025’ को हरी झंडी दी है।
- उद्देश्य: नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में निवेश करने वाले उद्यमियों और स्थानीय निकायों को आर्थिक प्रोत्साहन देना।
- प्रोत्साहन राशि: 1 करोड़ रुपये तक के हरित निवेश पर 5 प्रतिशत और 10 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर 10 प्रतिशत (अधिकतम 2.50 करोड़ रुपये) तक के ग्रीन क्रेडिट वाउचर दिए जाएंगे।
3. एआई और स्टार्टअप्स को विशेष टॉप-अप
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए रिप्स (RIPS), एमएसएमई और स्टार्टअप नीतियों के तहत एआई पहलों के लिए विशेष टॉप-अप प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
4. पुलिस और सुरक्षा विंग के लिए महत्वपूर्ण निर्णय
- स्पेशल सिक्योरिटी विंग (SSW): इस शाखा में तैनात कार्मिकों का विशेष भत्ता मूल वेतन के 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। यह 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा।
- विधानसभा सचिवालय: मार्शल, अतिरिक्त मार्शल और उप मार्शल के पदों पर अब राजस्थान पुलिस के अलावा सैन्य और अर्द्धसैन्य बलों के अधिकारियों को भी प्रतिनियुक्ति पर लिया जा सकेगा।
5. राजस्व सेवा और वित्त आयोग
- राजस्व लेखा सेवा नियम-2025: मंत्रिमंडल ने नवीन सेवा नियमों के प्रारूप को मंजूरी दी है। इससे तहसील राजस्व लेखाकारों को राज्य सेवा में पदोन्नति के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
- सप्तम राज्य वित्त आयोग: आयोग द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत अंतरिम रिपोर्ट को कैबिनेट ने अनुमोदित कर दिया है। इसे अब विधानसभा के आगामी सत्र में रखा जाएगा।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख बिंदु:
- रिफाइनरी में ऋण-इक्विटी अनुपात 2:1 बना रहेगा।
- सहायक मार्शल पद के लिए राजस्थान पुलिस में उप निरीक्षक के रूप में 3 वर्ष का अनुभव अनिवार्य किया गया है।
- स्थानीय निकायों को स्वयं के संसाधनों से वित्त पोषित हरित परियोजनाओं पर भी ग्रीन वाउचर जारी किए जाएंगे।

