नरेश गुनानी
जयपुर | 27 अप्रैल, 2026
राजस्थान की प्रशासनिक कार्यकुशलता को नई मजबूती मिलने जा रही है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2025 बैच के 7 प्रशिक्षु अधिकारियों ने राजस्थान कैडर में अपनी आमद दी है। सोमवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने एचसीएम रीपा (HCM RIPA) में इन अधिकारियों के साथ औपचारिक संवाद किया और उन्हें राज्य सरकार के विजन व प्राथमिकताओं से अवगत कराया।
शासन का मूल मंत्र: मैक्सिमम गवर्नेंस—मिनिमम गवर्नमेंट
नवागत अधिकारियों का स्वागत करते हुए मुख्य सचिव ने राजस्थान की समृद्ध प्रशासनिक परंपराओं का उल्लेख किया। उन्होंने अधिकारियों को राज्य सरकार के मूल दर्शन “मैक्सिमम गवर्नेंस—मिनिमम गवर्नमेंट” (अधिकतम शासन—न्यूनतम सरकार) पर केंद्रित होकर कार्य करने की सीख दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुशासन का अर्थ केवल नीतियां बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम छोर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
इन प्रमुख बिंदुओं पर रहा जोर:
संवाद के दौरान वी. श्रीनिवास ने प्रशिक्षु अधिकारियों को नागरिक-केंद्रित शासन मॉडल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने निम्नलिखित क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया:
- जन-शिकायत निवारण: शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना।
- पात्रता आधारित लाभ: यह सुनिश्चित करना कि प्रत्येक कल्याणकारी योजना का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
- डिजिटल गवर्नेंस: प्रशासनिक सुधारों में तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग।
- संस्थागत ईमानदारी: प्रशासन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखना।
मिशन कर्मयोगी और विकसित राजस्थान @2047
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मिशन कर्मयोगी, तकनीक-आधारित शासन और मुख्यमंत्री ग्राम विकास अभियान जैसी महत्वपूर्ण पहलों का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इन युवा अधिकारियों का नवाचार और नेतृत्व कौशल ‘विकसित राजस्थान @2047’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा।
वरिष्ठ अधिकारियों का मिला मार्गदर्शन
इस अवसर पर एचसीएम रीपा की महानिदेशक श्रेया गुहा ने भी प्रशिक्षु अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने फील्ड ट्रेनिंग के महत्व को समझाते हुए उन्हें लोक सेवा की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।