राजस्थान के शहरों को आधुनिक और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी, मुख्य सचिव ने दिए जनआंदोलन बनाने के निर्देश

प्रीति बालानी 

जयपुर, 2 जून। राजस्थान के शहरों को स्वच्छ, आधुनिक और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन आधारित मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी सिलसिले में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को सचिवालय में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता गतिविधियों में आम नागरिकों की भागीदारी को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिशन सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रहा है और इसकी पहुंच भी काफी व्यापक है, लेकिन अब इसे एक प्रभावी ‘जनआंदोलन’ का रूप देने की आवश्यकता है।

​मुख्य सचिव ने बैठक में मिशन के विभिन्न घटकों जैसे सतत स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, उपयोग किए गए जल (वेस्ट वाटर) के प्रबंधन, जन-जागरूकता गतिविधियों और क्षमता निर्माण पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य में मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF), प्रोसेसिंग प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, बायो-रिमेडिएशन, डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक, कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से शहरी स्वच्छता ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।

​मुख्य सचिव द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश:

  • नियमित समीक्षा और तकनीकी एकरूपता: स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों और जयपुर में संचालित 1000 टीपीडी (टन प्रति दिन) क्षमता के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की नियमित समीक्षा की जाए। साथ ही, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्रों में तकनीकी एकरूपता सुनिश्चित की जाए।
  • बेस्ट प्रैक्टिसेज को साझा करना: सभी शहरी निकाय एक-दूसरे की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और नवाचारों (Innovations) को आपस में साझा करें। इसके लिए नियमित रूप से कार्यशालाएं आयोजित की जाएं।
  • अमृत 2.0 में तेजी: अमृत 2.0 परियोजनाओं के कार्यों में गति लाई जाए, क्योंकि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन सीधे तौर पर आम जनता के जीवन स्तर को प्रभावित करता है।
  • स्थानीय नवाचार: शहरी निकाय स्थानीय स्तर पर नवाचार आधारित मॉडल विकसित करें और नागरिकों को स्वच्छता अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ें।

​बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने राज्य में संचालित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, लीगेसी वेस्ट रिमेडिएशन, वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं, निर्माण एवं विध्वंस (C&D) अपशिष्ट प्रबंधन तथा उपयोग किए गए जल के प्रबंधन कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया।

​राजस्थान में मिशन की वर्तमान प्रगति: एक नजर में

​स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने बैठक में मिशन की वित्तीय और जमीनी प्रगति का ब्योरा प्रस्तुत किया:

घटक

वर्तमान स्थिति / प्रगति

कुल स्वीकृत परियोजनाएं

₹ 4,804.94 करोड़

संचालित ठोस अपशिष्ट संयंत्र

27 संयंत्र (कई अन्य निर्माणाधीन एवं निविदा प्रक्रिया में)

लीगेसी वेस्ट का निस्तारण

97.43 लाख घनमीटर कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण संपन्न

मुक्त कराई गई भूमि

लगभग 729.79 एकड़ भूमि पुनः उपयोग योग्य बनाई गई

वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट

जयपुर में सफलतापूर्वक संचालन; जोधपुर में कार्य प्रगति पर

बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त राजस्थान अभियान, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सफाई सेवा मैराथन और जनभागीदारी पर आधारित विभिन्न गतिविधियों की रिपोर्ट भी रखी गई।

​इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक जुइकर प्रतीक चंद्रशेखर, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के मुख्य अभियंता अरुण व्यास, अधीक्षण अभियंता, अधिशाषी अभियंता सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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