| नरेश गुनानी
नई दिल्ली: राजस्थान के आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा विकसित ‘फूड एवं न्यूट्रिशन सिक्योरिटी एनालिसिस डैशबोर्ड’ ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफलता का परचम लहराया है। इस नवाचारी डिजिटल प्लेटफॉर्म को प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान 28 मार्च, 2025 को नई दिल्ली के नेशनल हैबिटेट सेंटर में आयोजित ‘स्कॉच समिट’ के दौरान प्रदान किया गया।
प्रमुख बिंदु: पुरस्कार और उपलब्धि
- पुरस्कार ग्रहण: राज्य की ओर से यह सम्मान डॉ. प्रवीण कुमार (सहायक निदेशक, एसडीजी को-ऑर्डिनेशन एंड एक्सीलरेशन सेंटर) ने समारोह में प्राप्त किया।
- सराहना: यह अवार्ड राजस्थान द्वारा डेटा-आधारित सुशासन (Data-driven Governance) और पोषण सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे बेहतरीन कार्यों का प्रमाण है।
- शुभारंभ: इस डैशबोर्ड की शुरुआत वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा की गई थी।
डैशबोर्ड की विशेषताएं और लाभ
यह डैशबोर्ड राज्य में खाद्य और पोषण की स्थिति को सुधारने के लिए एक ‘गेम-चेंजर’ साबित हो रहा है। इसकी कार्यप्रणाली और महत्व को निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:
- जिलेवार सटीक आकलन: यह प्लेटफॉर्म प्रदेश के प्रत्येक जिले में खाद्य और पोषण सुरक्षा की वर्तमान स्थिति का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
- वैश्विक मानकों का उपयोग: डैशबोर्ड को तैयार करने में विश्व स्तर पर स्थापित स्वास्थ्य और पोषण मानकों का उपयोग किया गया है, जिससे इसकी विश्वसनीयता बढ़ती है।
- नीति निर्माण में सहायक: प्रशासनिक अधिकारियों और नीति-निर्माताओं को अब सटीक डेटा उपलब्ध हो रहा है, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग में मदद मिल रही है।
- नवाचार: डेटा का उपयोग कर कुपोषण जैसी समस्याओं की पहचान करना और उनके समाधान के लिए रणनीतिक कदम उठाना इस डैशबोर्ड का मुख्य उद्देश्य है।
स्कॉच अवार्ड का महत्व
स्कॉच अवार्ड देश के स्वतंत्र संगठनों द्वारा दिया जाने वाला एक उच्च सम्मान है, जो शासन, समावेशी विकास और प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग के लिए दिया जाता है। राजस्थान को मिला यह गोल्ड अवार्ड दर्शाता है कि राज्य सरकार सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से आमजन के स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
