राजस्थान के अलवर में RGHS में 100 करोड़ से अधिक का घोटाला उजागर: स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर गहरा सवाल

राजस्थान के अलवर में RGHS में 100 करोड़ से अधिक का घोटाला उजागर: स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर गहरा सवाल

By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 18,2025

अलवर, राजस्थान:
राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। अलवर जिले में सामने आए इस घोटाले में अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। यह योजना राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मुफ्त इलाज और दवाइयों की सुविधा देने के लिए शुरू की गई थी, लेकिन अब यह भ्रष्टाचार और लापरवाही का अड्डा बनती दिख रही है।

घोटाले की परतें खुलीं: डॉक्टर और मेडिकल स्टोर संचालकों की मिलीभगत

अलवर के राजगढ़ और रामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) तथा पहाड़गंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में कार्यरत 11 डॉक्टरों को इस फर्जीवाड़े में लिप्त पाया गया है। इन डॉक्टरों ने बिना किसी मेडिकल जांच के महंगी दवाइयों की पर्चियां जारी कीं, जिनका भुगतान RGHS पोर्टल के माध्यम से करवाया गया।

विशेष तथ्य:

  • गर्भवती महिलाओं को बांझपन की दवाइयां दी गईं।
  • स्वस्थ हृदय वाले मरीजों को तीन-तीन कंपनियों की महंगी हृदय रोग की दवाएं लिख दी गईं।
  • कई बार एक ही मरीज के नाम से अलग-अलग पर्चियों पर दवाइयां निकाली गईं।

नकली पर्चियां, डुप्लिकेट डेटा और छुपाए गए क्लीनिक के नाम

जयपुर से आई क्वालिटी सेल की ऑडिट रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। डॉक्टरों ने मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ मिलकर फर्जी पर्चियों के जरिए लाखों रुपये की दवाइयां “बेच दीं”, जो असल में मरीजों को दी ही नहीं गईं।

जांच में सामने आया:

  • RGHS पोर्टल पर नकली बिल और पर्चियां अपलोड की गईं।
  • कई मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री या टेस्ट रिपोर्ट ही नहीं थी, फिर भी दवाइयां दी गईं।
  • कुछ पर्चियों पर निजी क्लीनिक का नाम और लोगो छिपाकर फोटोकॉपी तैयार की गई।

प्रशासन सख्त, दो मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस रद्द

फिलहाल अलवर जिले के दो मेडिकल स्टोरों के RGHS लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। दोषी डॉक्टरों से वसूली की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वित्त विभाग, जयपुर की टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

वित्त विभाग के प्रमुख सचिव नवीन जैन ने बताया कि RGHS के तहत हर दिन 25,000 से 40,000 क्लेम आते हैं। इसी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर बड़ी मात्रा में फर्जीवाड़ा किया गया। इस घोटाले को पकड़ने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की अहम भूमिका रही।

अब क्या?

स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवालों के बीच सरकार के लिए यह एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। राज्य में RGHS जैसी योजनाओं की पारदर्शिता बनाए रखने और जनता का विश्वास लौटाने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

इस खुलासे ने न केवल चिकित्सा क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया कि किस तरह कल्याणकारी योजनाएं लापरवाही और लालच के कारण अपने उद्देश्य से भटक जाती हैं।

 

spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

जनगणना-2027: जयपुर में मकान सूचीकरण और ब्लॉक गठन की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार

जनगणना-2027: जयपुर में मकान सूचीकरण और ब्लॉक गठन की...

राजस्थान में खेजड़ी संरक्षण के लिए बनेगा सख्त कानून, भजनलाल सरकार ने कसी कमर

राजस्थान में खेजड़ी संरक्षण के लिए बनेगा सख्त कानून,...

अजमेर में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना:

38 साल बाद मिला दूसरा राजकीय विश्वविद्यालय | गौरव कोचर ​जयपुर,...