रिपोर्ट योगेश शर्मा
जयपुर। राजस्थान के व्यापारिक इतिहास में एक बड़ा कदम उठाते हुए राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ द्वारा प्रदेश की 247 मंडियों की एक वृहद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) आयोजित की गई। संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित इस डिजिटल बैठक में करीब 200 मंडियों के पदाधिकारियों ने सीधा संवाद किया और मंडियों की दशा सुधारने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए।
प्रदेशभर के दिग्गज व्यापारी जुटे एक मंच पर
इस महत्वपूर्ण बैठक में श्रीगंगानगर से कुलदीप कासलिया, बीकानेर से जयदयाल डूडी, जोधपुर से प्रकाश मेहता, कोटा से राजेन्द्र खण्डेलवाल और जयपुर से केदारनाथ अग्रवाल सहित प्रदेश के कोने-कोने से व्यापारिक प्रतिनिधियों ने शिरकत की। बैठक का मुख्य उद्देश्य मंडियों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना और व्यापारियों व किसानों की समस्याओं का स्थाई समाधान खोजना था।
प्रमुख 25 सूत्रीय मांगें: आधुनिकता और सुविधाओं पर जोर
बैठक में सर्वसम्मति से एक विस्तृत मांग पत्र तैयार किया गया, जिसमें मंडियों के कायाकल्प के लिए निम्नलिखित बिंदु प्रमुख रहे:
- बुनियादी ढांचा: सभी मंडियों में कवर्ड ऑक्शन प्लेटफॉर्म और सीमेंटेड सड़कों का निर्माण हो ताकि अन्न की बर्बादी रुके। साथ ही, जर्जर चारदीवारी की तत्काल मरम्मत की जाए।
- स्वच्छता और स्वास्थ्य: महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग सुलभ शौचालय, शुद्ध पेयजल हेतु एक्वागार्ड और मंडियों में प्राथमिक उपचार केंद्रों की स्थापना।
- तकनीकी विकास: कचरा शोधन मशीनों से कम्पोस्ट खाद बनाना, ऑयल कंटेंट व मॉइस्चर जांचने हेतु आधुनिक लैबोरेट्री और अंडरग्राउंड बिजली लाइनें डालना।
- व्यापारिक सुगमता: दुकानों के पीछे टीनशेड की अनुमति, खाली भूखंडों का आवंटन और मालिकाना हक के लिए डीएलसी की 25% राशि पर अभियान चलाना।
- सुरक्षा व सुविधाएं: चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा प्रबंध, हर मंडी में धर्मकांटे, बैंक और आवश्यकतानुसार कोल्ड स्टोरेज का निर्माण।
- कनेक्टिविटी: चुनिंदा मंडियों को ‘ड्राईपोर्ट’ घोषित करना, रेलवे ट्रैक से जोड़ना और मंडियों में ही बस, ट्रेन व हवाई जहाज की बुकिंग सुविधा उपलब्ध करवाना।
15 तारीख को सरकार के साथ होगी निर्णायक बैठक
चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि मंडियों के विकास और व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह विस्तृत ज्ञापन तैयार किया गया है।
महत्वपूर्ण निर्णय:
संघ द्वारा तैयार किया गया यह 25 सूत्रीय मांग पत्र आगामी 15 तारीख को शाम 4:00 बजे राज्य सरकार के उच्चाधिकारियों के साथ आयोजित होने वाली बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि यदि प्रदेश की मंडियों को ‘स्मार्ट’ बनाना है, तो इन मूलभूत सुविधाओं का विस्तार अनिवार्य है।
इस वीसी के माध्यम से राजस्थान के व्यापारिक जगत ने एकजुटता का परिचय देते हुए सरकार को स्पष्ट संकेत दिया है कि अब मंडियों के आधुनिकीकरण में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।