| योगेश शर्मा
जयपुर, 24 फरवरी 2026 राजस्थान के मंडी व्यापार को आधुनिक बनाने और युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों से जोड़ने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता बुधवार, 25 फरवरी से भरतपुर संभाग के दो महत्वपूर्ण जिलों—भरतपुर और डीग की 12 प्रमुख मंडियों के सघन दौरे पर रहेंगे।
दौरे का विस्तृत कार्यक्रम (25 व 26 फरवरी)
बाबूलाल गुप्ता दो दिनों तक लगातार विभिन्न मंडियों में व्यापारिक बैठकों की अध्यक्षता करेंगे:
- प्रथम दिन (25 फरवरी): सुबह 7 बजे जयपुर से रवानगी। भुसावर, वैर, बयाना, नई मंडी (स्टेशन रोड, भरतपुर), नवीन मंडी यार्ड (कुम्हेर रोड) और अटलबंद मंडी में बैठकों का आयोजन। रात्रि 9 बजे तक भरतपुर में चर्चाएं जारी रहेंगी।
- द्वितीय दिन (26 फरवरी): भरतपुर से कुम्हेर, डीग, कामां, पहाड़ी, नगर और सीकरी मंडियों में आयोजित बैठकों में शिरकत करेंगे।
युवा उद्यमियों के लिए ‘रोडमैप’ और MSME पर जोर
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मंडियों में नई पीढ़ी के व्यापारियों को ‘युवा उद्यमी’ के रूप में विकसित करना है। बैठकों के मुख्य एजेंडे निम्नलिखित हैं:
- औद्योगिक ज्ञानवर्धन: खाद्य पदार्थों से संबंधित नए उद्योग लगाने के लिए युवाओं को प्रेरित करना।
- क्षेत्रीय विशेषज्ञता: यह विश्लेषण करना कि किस मंडी की भौगोलिक स्थिति के अनुसार कौन सा उद्योग सर्वाधिक लाभदायी रहेगा।
- सरकारी योजनाएं: केंद्र और राज्य सरकार द्वारा MSME क्षेत्र को दी जा रही सुविधाओं और सब्सिडी की विस्तृत विवेचना करना।
सरसों उद्योग पर विशेष फोकस
भरतपुर संभाग सरसों का प्रमुख बेल्ट माना जाता है। इस वर्ष सरसों की आवक और गुणवत्ता को देखते हुए विशेष रणनीतियां बनाई जा रही हैं:
- निर्यात क्षमता: इन मंडियों से होने वाले सरसों निर्यात की भारी मात्रा को देखते हुए ‘सरसों तेल मिलों’ की संख्या बढ़ाने पर विचार-विमर्श होगा।
- बुनियादी ढांचा: मंडियों में आधारभूत सुविधाओं की कमी को चिन्हित कर उन्हें दूर करने की योजना बनाई जाएगी।
राजधानी में बनेगा ‘व्यापार भवन’
बाबूलाल गुप्ता अपने इस दौरे के दौरान राजस्थान की सभी 247 मंडियों की अभिवृद्धि के लिए समर्थन जुटाएंगे। साथ ही, जयपुर (राजधानी मंडी) में राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के कार्यालय एवं विश्राम भवन के निर्माण के लिए सहयोग राशि की योजना पर प्रकाश डालेंगे, ताकि भवन निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके।
दृष्टिकोण: “हमारा लक्ष्य केवल व्यापार करना नहीं, बल्कि राजस्थान की मंडियों को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करना है। युवाओं को MSME के फायदों से जोड़कर हम स्थानीय स्तर पर रोजगार और निर्यात दोनों बढ़ा सकते हैं।” – बाबूलाल गुप्ता
