राजस्थान की गलियों से ब्रिटिश संसद तक: सीए दिक्षित जैन ने वैश्विक मंच पर फहराया कामयाबी का परचम
| योगेश शर्मा
जयपुर/लंदन। “शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है, यह वह आधार है जिस पर सुदृढ़ अर्थव्यवस्थाओं और सफल जीवन का निर्माण होता है।” ये शब्द उस व्यक्तित्व के हैं जिसने राजस्थान के एक साधारण गांव के स्कूल से निकलकर वैश्विक वित्त जगत के शिखर तक का सफर तय किया है। प्रख्यात चार्टर्ड अकाउंटेंट दिक्षित जैन की जीवन यात्रा आज करोड़ों युवाओं के लिए शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति का जीवंत उदाहरण बन गई है।
ब्रिटिश संसद के ‘हाउस ऑफ लॉर्ड्स’ में सम्मान
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर सीए दिक्षित जैन को ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। यूरोप इंडिया सेंटर फॉर बिज़नेस एंड इंडस्ट्री और वॉटर एंड शार्क द्वारा आयोजित इस वैश्विक कार्यक्रम में उन्हें लॉर्ड कुलदीप साहोटा (सदस्य, हाउस ऑफ लॉर्ड्स) द्वारा सम्मानित किया गया।
यह सम्मान केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि राजस्थान की उन जड़ों और मूल्यों की पहचान है, जिन्होंने एक बालक को वैश्विक नागरिक के रूप में गढ़ा।
सतत मूल्य सृजन: शिक्षित निर्णयों का महत्व
वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए जैन ने “नेक्स्ट-जेन कैपिटल एंड इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग: सस्टेनेबल वैल्यू क्रिएशन के लिए शिक्षित निर्णय” विषय पर अपना विजन साझा किया। उन्होंने पुरजोर तरीके से कहा कि:
- शिक्षा-आधारित निर्णय ही भविष्य की मजबूत अर्थव्यवस्थाओं की नींव हैं।
- उन्होंने संस्कृत श्लोकों और आध्यात्मिक शिक्षाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन के प्रथम चरण में अध्ययन को प्राथमिकता देना अनिवार्य है, क्योंकि यही वह नींव है जिस पर सफलता की इमारत खड़ी होती है।
गांव से दुबई तक का संघर्षपूर्ण सफर
दिक्षित जैन की कहानी किसी विशेषाधिकार की नहीं, बल्कि अदम्य साहस और परिश्रम की है।
- प्रारंभिक शिक्षा: राजस्थान के एक छोटे कस्बे के सरकारी स्कूल से पढ़ाई की शुरुआत।
- संघर्ष: मुंबई जाकर चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की कठिन परीक्षा उत्तीर्ण की।
- वैश्विक नेतृत्व: वर्तमान में दुबई में स्थित जैन, दुनिया भर के बड़े निगमों, उद्यमियों और हाई-नेटवर्थ व्यक्तियों के विश्वसनीय वित्तीय सलाहकार हैं।
दुबई चैप्टर में नई जिम्मेदारी की ओर कदम
अपनी सफलता को समुदाय के साथ साझा करने के उद्देश्य से जैन ने हाल ही में दुबई चैप्टर की कार्यकारी समिति के लिए अपने नामांकन की घोषणा की है। उन्होंने अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा:
”मैं नए दृष्टिकोण और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। मेरा मानना है कि सामूहिक प्रयासों से हम वैश्विक स्तर पर एक सार्थक और सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।”
संख्याओं के साथ मूल्यों की जुगलबंदी
दिक्षित जैन को वित्त जगत में एक दुर्लभ आवाज़ माना जाता है। वे केवल संख्याओं (Numbers) और मुनाफे की बात नहीं करते, बल्कि उनके संवाद में संस्कार और नैतिकता की झलक मिलती है। उनके लिए शिक्षा एक ऐसा साधन है जो इंसान को अपनी सीमाओं से परे जाकर सोचने और समाज के कल्याण में योगदान देने के लिए तैयार करती है।
