राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा का आरएसएस और बीजेपी पर तीखा हमला, संविधान बचाओ रैली में लगाए गंभीर आरोप
रिपोर्ट: टेलीग्राफ टाइम्स संवाददाता
By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 21,2025
जयपुर/चोमू, 21 जुलाई — राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर बड़ा हमला बोला। जयपुर के निकट चोमू कस्बे में आयोजित ‘संविधान बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और संविधान से छेड़छाड़ करने के गंभीर आरोप लगाए।
मुख्यमंत्री कार्यालय और मंत्रालयों में आरएसएस की दखल: डोटासरा
डोटासरा ने आरोप लगाया कि आरएसएस के पदाधिकारी राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री कार्यालय और मंत्रालयों में बैठकर सीधे फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा,
“चाहे निर्वाचित प्रतिनिधि किसी भी पार्टी से हों, उनके कामकाज और जनहित के मुद्दों की कोई सुनवाई नहीं हो रही। सरकार आरएसएस के निर्देशों पर चल रही है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के कार्यालयों में आरएसएस के लोग तैनात हैं।”
उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा बताया और कहा कि यह जनता के अधिकारों का हनन है।
गुजरात मॉडल पर कटाक्ष: “सबसे कमजोर को बनाओ मुख्यमंत्री”
राज्य में बीजेपी के शासन को ‘गुजरात मॉडल’ का नाम देते हुए डोटासरा ने कहा,
“यही है असली गुजरात मॉडल — सबसे कमजोर व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाओ, सबसे कमजोर विधायकों को मंत्री बनाओ, और भ्रष्टाचार से चलाओ सरकार, नौकरशाहों के सहारे।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस रणनीति के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाएं पंगु बनाई जा रही हैं ताकि सत्ता पर एक गुप्त और असंवैधानिक नियंत्रण कायम रखा जा सके।
ईडी का दुरुपयोग और विरोधियों का उत्पीड़न
डोटासरा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और अन्य जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया:
“जो भी आरएसएस के खिलाफ बोलता है, उसे डराने की कोशिश होती है। मेरे घर भी ईडी भेजी गई, क्योंकि मैंने आरएसएस के खिलाफ आवाज उठाई। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं, हम अन्याय का विरोध करते रहेंगे।”
संविधान के मूल शब्दों पर खतरा: ‘धर्मनिरपेक्षता’ और ‘समाजवाद’ को हटाना चाहती है बीजेपी
बीजेपी पर संविधान से छेड़छाड़ करने की नीयत का आरोप लगाते हुए डोटासरा ने कहा,
“बीजेपी ‘धर्मनिरपेक्षता’ और ‘समाजवाद’ जैसे शब्दों को संविधान से हटाना चाहती है। ये वही स्तंभ हैं जिन पर भारत का लोकतंत्र टिका है। यदि उपराष्ट्रपति तक आरएसएस की भाषा बोलने लगें, तो संविधान के लिए इससे बड़ा खतरा और कुछ नहीं हो सकता।”
कांग्रेस की प्रतिज्ञा: संविधान की रक्षा अंतिम सांस तक
डोटासरा ने कांग्रेस पार्टी की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा,
“हम संविधान की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे। वे देश को नफरत से बांटना चाहते हैं और फिर संविधान बदलकर चीन-रूस जैसे कानून लाकर लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं। लेकिन कांग्रेस ऐसा कभी नहीं होने देगी।”
राजनीतिक विश्लेषण:
डोटासरा का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में संविधान संशोधन को लेकर बहस तेज हो रही है और विपक्षी दल 2024 लोकसभा चुनाव के बाद ‘संविधान बचाओ’ जैसे अभियानों को ज़ोर-शोर से आगे बढ़ा रहे हैं।
राजस्थान में हाल ही में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों और बीजेपी के प्रशासनिक फैसलों को लेकर कांग्रेस का आक्रामक रुख राज्य की आगामी राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है।

