राजस्थान: करौली के सूरतपुरा गांव में लेपर्ड का कहर, दो लोग गंभीर रूप से घायल
Reported By: संजय सिंह/ टोंक
Written By: नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 7, 2025
करौली (राजस्थान), 7 मई:
राजस्थान के करौली जिले के सपोटरा ब्लॉक स्थित सूरतपुरा गांव में सोमवार को लेपर्ड (तेन्दुआ) के हमले से दहशत फैल गई। बकरी चराने गए ग्रामीण और एक विवाह समारोह में शामिल होने आए रिश्तेदार पर लेपर्ड ने हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।
पहला हमला: किरोड़ी मीणा पर हमला
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब सूरतपुरा गांव निवासी 62 वर्षीय किरोड़ी मीणा रोज की तरह पहाड़ी पर बकरियां चरा रहे थे। तभी झाड़ियों से अचानक एक लेपर्ड निकलकर उन पर टूट पड़ा और उन्हें बुरी तरह नोच डाला। किरोड़ी की चीख-पुकार सुनकर पास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत सपोटरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

दूसरा हमला: नीरज मीणा भी घायल
इस पहली घटना के कुछ ही देर बाद, उसी क्षेत्र में एक और हमला हुआ। किरोड़ी मीणा के घर एक शादी समारोह में आए उनके रिश्तेदार नीरज मीणा पुत्र रमेश मीणा (निवासी बूकना) भी पहाड़ी के पास घूमने निकले थे, जब लेपर्ड ने उस पर हमला कर दिया। नीरज को भी गहरी चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वन विभाग सक्रिय, पहरेदारी तेज
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। उपवन संरक्षक सुमित बंसल के निर्देशन में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम को घटनास्थल के आसपास लेपर्ड के पैरों के ताजे निशान मिले हैं। इसके बाद क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और लेपर्ड की गतिविधियों पर निगरानी तेज कर दी गई है।
बंसल ने बताया कि पहले भी क्षेत्र में लेपर्ड की मौजूदगी की सूचना मिलती रही है, और विभाग इस पर नजर बनाए हुए था। अब घटनाएं बढ़ने के कारण सतर्कता और बढ़ा दी गई है।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने क्षेत्र के लोगों से पहाड़ी इलाकों में अकेले न जाने, खासकर सुबह-शाम के समय समूह में ही बाहर निकलने की अपील की है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। साथ ही विभाग ने पहाड़ी इलाकों में कैमरे लगाने की योजना बनाई है, ताकि लेपर्ड की हरकतों पर नजर रखी जा सके।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल
लगातार हो रही घटनाओं के चलते ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। लोग अब बकरी चराने या खेतों की ओर जाने से डरने लगे हैं। प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही लेपर्ड को पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए जा सकते हैं।