राजस्थान एमएसएमई संवाद 2025: “रीइन्वेंटिंग एंड स्केलिंग अप एमएसएमईज़ इन राजस्थान”
एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है राजस्थान सरकार – रेनो राज
जयपुर, 3 सितम्बर। लोकेंद्र सिंह शेखावत। टेलीग्राफ टाइम्स
राजस्थान में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के विकास को नई दिशा देने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी), राजस्थान स्टेट काउंसिल द्वारा राजधानी जयपुर के होटल नोवोटेल में “राजस्थान एमएसएमई संवाद 2025” कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कॉन्फ्रेंस का विषय था “रीइन्वेंटिंग एंड स्केलिंग अप एमएसएमईज़ इन राजस्थान: नैविगेटिंग टुवर्ड्स विकसित भारत”।
रेनो राज का कीनोट संबोधन
राजस्थान सरकार के ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (बीआईपी) के जनरल मैनेजर रेनो राज ने अपने कीनोट संबोधन में कहा कि “राजस्थान सरकार एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए नीति सुधार, निवेश प्रोत्साहन और व्यापार करने में आसानी जैसे ठोस कदम उठा रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य राज्य में एमएसएमई के विकास को गति देना और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।” उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से सरकार, उद्योग जगत और उद्यमियों के बीच सकारात्मक संवाद और सहयोग को बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ आईसीसी राजस्थान स्टेट काउंसिल की चेयरपर्सन एवं जयश्री पेरीवाल ग्रुप ऑफ स्कूल्स की चेयरपर्सन डॉ. जयश्री पेरीवाल द्वारा स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था के भविष्य के निर्माण में एमएसएमई क्षेत्र अहम भूमिका निभाएगा और इसके लिए ‘इनोवेशन’ और ‘रेजिलिएंस’ अनिवार्य हैं।
विशेषज्ञों की राय और सुझाव
कॉन्फ्रेंस के विभिन्न सत्रों में उद्योग जगत के विशेषज्ञों और संस्थागत प्रतिनिधियों ने एमएसएमई क्षेत्र की चुनौतियों, संभावनाओं और विकास की रणनीतियों पर अपने विचार साझा किए।
- डॉ. के.एल. जैन, अध्यक्ष, राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने वित्तीय सहायता, तकनीकी उन्नयन और सरकारी नीतियों को और अधिक सरल एवं सुलभ बनाने पर जोर दिया।
- के.के. गुप्ता, निदेशक, रेसर्जेंट इंडिया लिमिटेड ने निवेशकों और एमएसएमई के बीच बेहतर संवाद को आवश्यक बताया।
- अमित कुमार अग्रवाल, चेयरमैन, एमएसएमई काउंसिल, फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने उद्यमियों की नीति-निर्माण प्रक्रिया में अधिक भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।
आईसीसी का दृष्टिकोण
आईसीसी राजस्थान स्टेट काउंसिल के को-चेयरपर्सन एवं शुभाशिष ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के चेयरमैन जय कृष्ण जाजू ने कहा कि आईसीसी, एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पैनल डिस्कशन और वर्कशॉप
कॉन्फ्रेंस के दौरान तीन प्रमुख सत्र आयोजित किए गए:
- “स्ट्रेंथनिंग राजस्थान एमएसएमई इकोसिस्टम”
- “अनलॉकिंग कैपिटल: नेविगेटिंग द एसएमई आईपीओ जर्नी इन राजस्थान” – पैनल डिस्कशन
- “ओरिएंटेशन ऑन वॉलमार्ट वृद्धि सप्लायर डवलपमेंट प्रोग्राम फॉर एमएसएमई” – वर्कशॉप
इन सत्रों में वित्तीय संसाधनों तक पहुंच, पूंजी बाजार में एमएसएमई की भागीदारी और वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ने के अवसरों पर गहन चर्चा हुई।
कार्यक्रम के समापन पर आईसीसी, रीजनल डायरेक्टर देबमाल्य बनर्जी ने कहा कि इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स उद्योग और सरकार के बीच साझेदारी को मजबूत करने और एमएसएमई के विकास हेतु एक सशक्त मंच प्रदान कर रहा है।

