राजस्थान: आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे ‘अटल ज्ञान केंद्र’, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे ग्रामीण युवा
| नरेश गुनानी
जयपुर, 09 फरवरी 2026 | राजस्थान के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब अपने ही गांव में विश्वस्तरीय अध्ययन सुविधाएं मिलेंगी। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को सचिवालय में अटल ज्ञान केंद्र योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन केंद्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
ई-लाइब्रेरी और डिजिटल वर्कस्टेशन की सुविधा
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि सभी केंद्रों में बुनियादी ढांचे के साथ-साथ डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। इन केंद्रों की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार होंगी:
- डिजिटल बुनियादी ढांचा: प्रत्येक केंद्र पर न्यूनतम चार डिजिटल वर्कस्टेशन और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी।
- अध्ययन संसाधन: ई-लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें, समसामयिक पत्रिकाएं और स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित साहित्य।
- बैठक क्षमता: कम से कम 20 विद्यार्थियों के एक साथ बैठने की व्यवस्था वाला 36×20 फीट का भवन।
- बहुउद्देशीय उपयोग: इन केंद्रों को ट्रेनिंग और अन्य गतिविधियों के लिए ‘एक्टिविटी सेंटर’ के रूप में भी इस्तेमाल किया जाएगा।
प्रथम चरण: 2056 ग्राम पंचायतों का चयन
पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि:
- योजना के पहले चरण में 3000 से अधिक जनसंख्या वाली 2056 ग्राम पंचायतों को लक्षित किया गया है।
- अब तक 1687 केंद्रों को वित्तीय स्वीकृति दी जा चुकी है।
- 243 केंद्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 508 केंद्रों पर काम तेजी से चल रहा है।
‘अटल प्रेरक’ बनेंगे डिजिटल साक्षरता की कड़ी
ग्रामीणों को तकनीक से जोड़ने के लिए केंद्रों पर अटल प्रेरकों की तैनाती प्रस्तावित है। इनका मुख्य कार्य होगा:
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- ग्रामीण आबादी को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना।
- ई-गवर्नेंस सेवाओं के उपयोग के लिए प्रेरित करना।
- नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता करना।
योजना की पृष्ठभूमि: ‘अटल ज्ञान केंद्र योजना’ की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा 25 दिसंबर 2024 (सुशासन दिवस) पर की गई थी, जिसे राज्य के बजट 2025-26 में प्रमुखता से शामिल किया गया है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को इन आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिले, इसके लिए कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। बैठक में पंचायतीराज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
