राजस्थान: आगामी 2 माह में आवंटित होंगी 2 हजार नई उचित मूल्य दुकानें, अनियमितता करने वाले राशन डीलरों पर बड़ी कार्रवाई
जयपुर, 3 फरवरी 2026
| सुनील शर्मा
राजस्थान सरकार प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को सुदृढ़ करने और रिक्त चल रही उचित मूल्य की दुकानों को भरने के लिए मिशन मोड पर काम कर रही है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि प्रदेश में विभिन्न कारणों से रिक्त चल रही 2,042 उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया आगामी दो माह के भीतर पूर्ण कर ली जाएगी।
अनियमितता पर जीरो टॉलरेंस: 394 लाइसेंस निरस्त
प्रश्नकाल के दौरान विधायक ललित मीना द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग भ्रष्टाचार और लापरवाही के विरुद्ध सख्त कदम उठा रहा है। सदन में प्रस्तुत विवरण के अनुसार:
- बड़ी गड़बड़ी: प्रदेश में 636 राशन डीलर ऐसे चिन्हित किए गए, जिनकी पोस (POS) मशीन के रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक के बीच 100 क्विंटल से अधिक गेहूं का अंतर (शॉर्टेज) पाया गया।
- निलंबन और कार्रवाई: अनियमितता पाए जाने पर 501 दुकानदारों को निलंबित किया गया, जिनमें से 394 के प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) स्थायी रूप से निरस्त कर दिए गए हैं।
- कानूनी कार्रवाई: अब तक 244 राशन डीलरों के विरुद्ध एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी है और 21 दुकानदारों से गबन की गई राशि की वसूली भी की गई है।
बारां जिले की स्थिति और न्यायालयी मामले
बारां जिले के संदर्भ में जानकारी देते हुए सुमित गोदारा ने बताया कि वहां 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बकाया वाली 77 दुकानों में से 36 को निरस्त किया गया था। इनमें से 3 दुकानों का आवंटन हो चुका है और 14 की प्रक्रिया जारी है, जबकि 19 दुकानों के मामले फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन हैं।
नियम एवं दंडात्मक प्रावधान
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और राजस्थान खाद्यान्न वितरण आदेश 1976 के तहत गबन या अनियमितता पाए जाने पर सख्त प्रावधान लागू हैं:
- दुकानदार के प्राधिकार पत्र का निलंबन एवं निरस्तीकरण।
- जमा प्रतिभूति राशि (Security Money) की जब्ती।
- गबन की गई राशि की वसूली और आपराधिक मामला दर्ज करना।