उदयपुर/ नरेश गुनानी/मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ज्ञान (GYAN) मॉडल’—गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी—के आधार पर राज्य सरकार प्रदेश में अनुसूचित जनजाति के आर्थिक सशक्तीकरण, सामाजिक सुरक्षा और समग्र उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने जनजाति बहुल क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका, कृषि, पशुपालन, स्वरोजगार और पर्यटन से जुड़ी बजट घोषणाओं व योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री रविवार को उदयपुर स्थित कृषि महाविद्यालय में राजस्थान अनुसूचित जनजाति परामर्शदात्री परिषद (टीएसी) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
पीएम जन-मन और विकास कार्यों की समीक्षा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘पीएम जन-मन योजना’ की प्रगति का फीडबैक लिया और निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत आयोजित गतिविधियों के माध्यम से अंतिम छोर पर खड़े आदिवासी परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनजाति कल्याण के लिए राज्य सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं है।
मुख्यमंत्री ने आवासीय विद्यालयों, आश्रम छात्रावासों और उदयपुर में बनने वाली देश की पहली ‘लैक्रोज अकादमी’ की बजट घोषणा को शीघ्र मूर्त रूप देने के निर्देश दिए। साथ ही मां-बाड़ी केंद्रों की निरंतर मॉनिटरिंग करने, स्कूलों में ड्रॉप-आउट दर को रोकने तथा उत्तर-मैट्रिक छात्रवृत्ति व कालीबाई भील मेधावी स्कूटी योजना का दायरा बढ़ाने को कहा।
स्वास्थ्य, पोषण और युवाओं के लिए विशेष योजनाएं
मुख्यमंत्री ने सिकल सेल एनीमिया और कुपोषण के खिलाफ विशेष कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान को गति देने के लिए बच्चों को मिलेट्स (श्रीअन्न) के माध्यम से न्यूट्रिशन उपलब्ध कराया जाए। दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और टेली-मेडिसिन सेवाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
युवाओं और महिलाओं के उत्थान के संदर्भ में उन्होंने ‘मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना’, ‘कालीबाई भील महिला संबल शिक्षा सेतु योजना’ और ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ का लाभ अधिक से अधिक परिवारों तक पहुँचाने का आह्वान किया।
उदयपुर के प्रगतिशील किसान प्रेमचंद बने ‘किसान ब्रांड एंबेसडर’
बैठक में मुख्यमंत्री ने उदयपुर की फलासिया पंचायत समिति के जालमपुर गांव निवासी प्रगतिशील किसान प्रेमचंद कपाया को जैविक, पारंपरिक और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘किसान ब्रांड एंबेसडर’ घोषित किया। इसके साथ ही उन्हें कोटा स्थित जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनर के रूप में नियुक्त किया गया है। प्रेमचंद अब प्रदेश भर के किसानों को जैविक व प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देंगे।
राजीविका महिलाओं को प्रशिक्षण और उत्पादों की सरकारी खरीद
मुख्यमंत्री ने राजीविका से जुड़ी जनजाति महिलाओं के कौशल संवर्धन के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राकृतिक उपज से आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने को बढ़ावा देने की बात कही।
राजीविका उत्पादों की राजकीय संस्थाओं और विभागों में खरीद सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष कमेटी बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही इन महिलाओं को जवाहर कला केंद्र (जयपुर) और बीकानेर हाउस (दिल्ली) में आयोजित मेलों में भी अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
मुख्य सचिव स्तर पर हर 2 माह में होगी टीएसी की बैठक
अनुश्रवण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राजस्थान अनुसूचित जनजाति परामर्शदात्री परिषद की बैठक अब मुख्य सचिव स्तर पर हर दो माह में नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। उन्होंने मंत्रियों व स्थानीय विधायकों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का सुझाव दिया।
इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, क्षेत्रीय विधायकगण, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।