रिपोर्ट: योगेश शर्मा, जयपुर
जयपुर/भरतपुर। राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसाइटी (राजमेस) द्वारा प्रदेश के 7 चिकित्सा एवं नर्सिंग महाविद्यालयों में स्वीकृत 1267 नियमित पदों को समाप्त किए जाने के निर्णय ने तूल पकड़ लिया है। इस आदेश के विरोध में नर्सेज एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। भरतपुर में जिला संयोजक सत्यवीर सोगरवाल के नेतृत्व में नर्सेज प्रतिनिधियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. गौरव कपूर को मुख्यमंत्री व चिकित्सा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर इन पदों को पुनः सृजित करने की मांग की है।
प्रमुख मांगें और विरोध का कारण
नर्सेज एसोसिएशन का कहना है कि समाप्त किए गए कुल 1267 पदों में से 746 पद अकेले नर्सिंग संवर्ग के हैं। इन पदों पर लंबे समय से नियमित नर्सिंगकर्मी अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। अचानक पदों को समाप्त करने के निर्णय से कर्मियों में अपने भविष्य को लेकर असुरक्षा और रोष व्याप्त है।
ज्ञापन की मुख्य बातें:
- समीक्षा बैठक पर टिकी नजरें: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस मामले को लेकर 8 अप्रैल 2026 को सवाई मानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय, जयपुर में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। नर्सेज चाहते हैं कि इस बैठक में पदों के पुनः सृजन पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
- भरतपुर पर गहरा संकट: श्रीजगन्नाथ पहाड़िया मेडिकल कॉलेज, भरतपुर में नर्सिंग ऑफिसर के 91 नियमित पद समाप्त कर दिए गए हैं।
- मरीजों पर पड़ेगा बुरा असर: संभाग के सबसे बड़े आरबीएम चिकित्सालय और जनाना अस्पताल में पहले से ही स्टाफ की कमी है। 91 पद और कम होने से स्वास्थ्य सेवाएँ चरमरा सकती हैं।
आरबीएम अस्पताल में गहरा सकता है संकट
जिला संयोजक सत्यवीर सोगरवाल ने बताया कि आरबीएम चिकित्सालय में वर्तमान में एक नई बिल्डिंग निर्माणाधीन है। भविष्य में इस बिल्डिंग के शुरू होने पर अतिरिक्त चिकित्सा कर्मियों की आवश्यकता होगी, लेकिन पदों को बढ़ाने के बजाय घटाया जा रहा है। यदि ये पद बहाल नहीं हुए, तो मरीजों के इलाज पर विपरीत प्रभाव पड़ना तय है।
”हम मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री महोदय से मांग करते हैं कि इन पदों पर कार्यरत नर्सिंग कर्मियों के हितों की रक्षा करते हुए नए पद सृजित किए जाएं, ताकि कार्मिकों को यथास्थान पदस्थापित रखा जा सके।”
— सत्यवीर सोगरवाल, जिला संयोजक
ज्ञापन देने के दौरान मौजूद रहे प्रतिनिधि
इस अवसर पर नर्सिंग जगत के कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से राहुल श्रीवास्तव, रतनसिंह, रामनरेश, अरविंद कुमार, लोकेंद्र, महेंद्र सिंह, खेम सिंह और राजकुमारी सहित अन्य नर्सिंग ऑफिसर शामिल थे। नर्सेज संगठन को उम्मीद है कि 8 अप्रैल की बैठक में विभाग उनके पक्ष में न्यायोचित निर्णय लेगा।