राजनीतिक बदलाव की आहट: कांग्रेस से निष्कासित अमीन खान की राजेंद्र राठौड़ से मुलाकात के बाद पश्चिमी राजस्थान में सियासी हलचल तेज
Edited By: Naresh Gumani
टेलीग्राफ टाइम्स
May 30, 2025
बाड़मेर:
पश्चिमी राजस्थान की राजनीति में अचानक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस से छह साल के लिए निष्कासित किए गए वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अमीन खान ने भाजपा नेता व पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ से मुलाकात कर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी है। यह मुलाकात जयपुर स्थित राठौड़ के आवास पर हुई, जो अपने आप में बड़े राजनीतिक संकेत देती नजर आ रही है।
कांग्रेस से नाराज, भाजपा से नजदीकी?
अमीन खान, जो अल्पसंख्यक समुदाय में मजबूत पकड़ रखते हैं और खासकर बाड़मेर-जैसलमेर इलाके में उनका अच्छा प्रभाव माना जाता है, हाल ही में कांग्रेस से निष्कासित कर दिए गए थे। उन पर लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार की जगह एक निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन करने का आरोप था। कांग्रेस ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया।
कांग्रेस नेतृत्व से मिलना रह गया अधूरा
अमीन खान ने हाल ही में बाड़मेर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन अचानक रूट बदलने की वजह से यह मुलाकात नहीं हो पाई। इस घटनाक्रम से अमीन खान के समर्थक खासे नाराज दिखे और उन्होंने हरीश चौधरी और स्थानीय सांसद पर रूट बदलवाने के आरोप लगाए।
अशोक गहलोत से भी की थी भेंट
गुरुवार को अमीन खान ने जयपुर में अशोक गहलोत से मुलाकात की थी, जो यह दर्शाता है कि वे कांग्रेस में अपनी वापसी की संभावनाएं टटोल रहे थे। लेकिन आज उन्होंने सीधे भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ से मुलाकात कर यह संकेत दे दिया है कि अब उनका झुकाव किसी नए राजनीतिक मंच की ओर हो सकता है।
क्या भाजपा में शामिल होंगे अमीन खान?
राजेंद्र राठौड़ से मुलाकात के बाद यह सवाल अब ज़ोर पकड़ रहा है कि क्या अमीन खान जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे? भाजपा, जो पश्चिमी राजस्थान में अल्पसंख्यक समुदाय तक अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है, के लिए अमीन खान एक बड़ा चेहरा बन सकते हैं। हालांकि अभी तक इस पर किसी भी पक्ष से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अंदरखाने राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमीन खान की ये गतिविधियां आने वाले समय में बाड़मेर और पश्चिमी राजस्थान की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। कांग्रेस से नाराजगी और भाजपा से नजदीकी—ये दोनों संकेत एक बड़े राजनीतिक बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं।