जयपुर/ सुनील शर्मा/राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए निवेश समझौतों (एमओयू) की समयबद्ध ग्राउंडिंग और प्रभावी डिलीवरी को लेकर राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। शासन सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप नवंबर 2026 तक निर्धारित ग्राउंडिंग लक्ष्यों को हर हाल में पूरा किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि अब प्राथमिकता केवल एमओयू हस्ताक्षर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर वास्तविक परिणाम देना है। उन्होंने सभी विभागों को नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।
प्रमुख बिंदु और निर्देश
- समयबद्ध कार्रवाई और समन्वय: मुख्य सचिव ने विभागों को निर्देश दिए कि आवश्यक प्रस्ताव और फाइलें जल्द से जल्द प्रस्तुत की जाएं। साथ ही, जिला कलक्टरों के साथ निरंतर समन्वय बनाकर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को प्राथमिकता से दूर किया जाए।
- ऊर्जा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका: बैठक में बताया गया कि ऊर्जा विभाग निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में सबसे बड़ा भागीदार है। इस कारण ऊर्जा विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को अधिक गति से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
- 35 लाख करोड़ के प्रस्ताव प्रक्रियाधीन: उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने जानकारी दी कि राइजिंग राजस्थान के तहत 11 हजार से अधिक सक्रिय एमओयू के जरिए 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव विभिन्न चरणों में हैं।
- 8 लाख करोड़ की ग्राउंडिंग पूरी: अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं (ग्राउंडिंग हो चुकी है)।
- स्वीकृतियों में तेजी: भूमि आवंटन, आवश्यक अनुमतियों, एनओसी, एलओआई (LOI) और एलओपी (LOP) जैसे लंबित मामलों के तेजी से निस्तारण के लिए अंतर-विभागीय समन्वय मजबूत किया गया है।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी जिला कलक्टर इस बैठक से जुड़े। बैठक में उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल, खान एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा, कौशल एवं उद्यमिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संदीप वर्मा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका, चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री ए. राठौड़, राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त, और परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा उपस्थित रहे।
इसके अलावा नगरीय विकास एवं आवासन, स्कूल शिक्षा, आयुष, पशुपालन, कृषि, नागरिक उड्डयन, सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, पर्यटन, रीको, आरआरईसीएल और आरवीयूएनएल जैसे प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।