रांची: नेहा रंजन
झारखंड में हवाई यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने और विमानन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापु ने केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की उपस्थिति में रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर कई यात्री-केंद्रित और सांस्कृतिक सुविधाओं का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया।
झारखंड की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान
हवाई अड्डे पर आगमन को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा सहित एक विशेष ‘फीचर वॉल’ की स्थापना की गई है।
- विरासत का प्रदर्शन: यह फीचर वॉल झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करती है।
- जनजातीय गौरव और विकास: इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण जनजातीय गौरव और आधुनिक विकास के संगम को सम्मानित करता है। हवाई अड्डों को केवल यात्रा केंद्र नहीं, बल्कि राज्यों की पहचान और भावना का प्रतिबिंब होना चाहिए। अब यहां आने वाले हर यात्री का स्वागत भगवान बिरसा मुंडा की प्रेरणादायक विरासत से होगा।

’उड़ान में आसानी’ और नई यात्री सुविधाएं
हवाई यात्रा को अधिक सुलभ, किफायती और जन-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से हवाई अड्डे पर कई नई सेवाएं शुरू की गई हैं:
- उड़ान यात्री कैफे: यात्रियों को हवाई अड्डे पर किफायती भोजन और पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए इसकी शुरुआत की गई है।
- फ्लाईबरी (Flybury): हवाई अड्डे पर सभी के लिए एक निःशुल्क सुलभ पुस्तकालय शुरू किया गया है, जो पढ़ने की संस्कृति और सार्थक यात्रा अनुभव को बढ़ावा देगा।
- किड्स जोन: परिवारों और बच्चों की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए एक विशेष रूप से डिजाइन किया गया सुरक्षित मनोरंजक स्थान बनाया गया है।
- एवीएसएआर (अवसर) काउंटर: प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए इस आउटलेट की शुरुआत की गई है। इसके माध्यम से झारखंड के स्थानीय और जनजातीय कारीगरों को सोहराई पेंटिंग जैसे पारंपरिक कला रूपों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
नागरिक उड्डयन क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति
विमानन क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डालते हुए उड्डयन मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हवाई अड्डों की संख्या 2014 के 74 से बढ़कर आज 165 हो गई है। झारखंड में भी विकास की गति उल्लेखनीय रही है:
- 2014 के मुकाबले वार्षिक हवाई यात्री यातायात में 5 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।
- विमानों की आवाजाही और हवाई माल ढुलाई (कार्गो) में लगभग 3 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- पिछले पांच वर्षों में रांची हवाई अड्डे पर सालाना यात्रियों की संख्या 17 लाख से बढ़कर 27 लाख से अधिक हो चुकी है।
भविष्य का रोडमैप: 100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलीपोर्ट
विमानन बुनियादी ढांचे के भविष्य के विस्तार को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- संशोधित उड़ान योजना: देश भर में 100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलीपोर्ट विकसित किए जाएंगे, जिससे देश के जनजातीय क्षेत्रों और आकांक्षी जिलों को बड़ा लाभ मिलेगा।
- झारखंड में विस्तार: जमशेदपुर हवाई अड्डे पर आरसीएस संचालन शुरू होने के बाद अब दुमका, हजारीबाग, डाल्टनगंज, धालभूमगढ़ और चाईबासा के हवाई अड्डों को भी उड़ान योजना के तहत विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।
- रांची हवाई अड्डे का कायाकल्प: बढ़ती मांग को देखते हुए टर्मिनल भवन के विस्तार की व्यापक योजना है। घरेलू सुरक्षा प्रतीक्षा क्षेत्र (सिक्योरिटी होल्ड एरिया) को बढ़ाकर 6,480 वर्ग मीटर किया जाएगा, जिससे व्यस्त समय में क्षमता बढ़कर 2,160 यात्री हो जाएगी।
- परिचालन क्षमता में सुधार: रनवे की दक्षता बढ़ाने के लिए समानांतर टैक्सी ट्रैक, रैपिड एग्जिट टैक्सीवे और दो अतिरिक्त विमान पार्किंग एप्रन के विकास पर काम चल रहा है, ताकि रांची को वैश्विक गंतव्यों से जोड़कर नए आर्थिक अवसर पैदा किए जा सकें।