राजस्थान
रणथंभौर से निकला बाघ होटल में घुसा, गांव में मची अफरा-तफरी
Reported By: सत्यनारायण
Edited By: नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 14, 2025
सवाई माधोपुर, राजस्थान – रणथंभौर टाइगर रिजर्व से सटे कुतलपुरा गांव में मंगलवार सुबह एक टाइगर के गांव में प्रवेश करने से दहशत फैल गई। बाघ खेतों के रास्ते होते हुए गांव में दाखिल हुआ और एक नज़दीकी होटल के परिसर में जा घुसा। इस अप्रत्याशित घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
छतों पर चढ़े लोग, गांव में डर का माहौल
जैसे ही बाघ के गांव में प्रवेश करने की खबर फैली, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों पर चढ़ गए। ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल है, वहीं कई लोगों ने मोबाइल से बाघ की वीडियो भी बनाई। कुछ लोग माहौल की गंभीरता को न समझते हुए यह कहते भी सुने गए – “वाह! क्या सुहाना मौसम है।”
वन विभाग और पुलिस टीम मौके पर
जानकारी मिलते ही वन विभाग की ट्रेंकुलाइज (बेहोश करने वाली) टीम और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई है। टीम होटल परिसर में बाघ को ट्रेंकुलाइज करने की कोशिश कर रही है ताकि उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान किसी प्रकार की हिंसा से बचना उनकी प्राथमिकता है।
लगातार जंगल से बाहर आ रहे बाघ, दो की मौत
यह कोई पहली घटना नहीं है जब रणथंभौर से बाघ गांवों की ओर आया हो। बीते एक महीने में बाघ के हमले में दो लोगों की मौत हो चुकी है। वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, ये दोनों हमले एक ही बाघिन द्वारा किए गए थे। इन घटनाओं के बाद रणथंभौर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ज़ोन नंबर 2 और 3 को पर्यटकों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। साथ ही त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग भी श्रद्धालुओं के लिए दोबारा बंद कर दिया गया है।
पहले भी बच्चे पर कर चुका है हमला
ज्ञात हो कि 16 अप्रैल को भी इसी मार्ग पर दर्शन कर लौट रहे एक बच्चे को बाघ ने अपना शिकार बना लिया था। इस घटना के बाद मंदिर मार्ग को नौ दिन के लिए बंद कर दिया गया था। उस समय वन विभाग ने दावा किया था कि मार्ग अब पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन आज की घटना ने उस दावे को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं अधिकारी, और बाघ को सुरक्षित तरीके से पकड़ने का प्रयास जारी है। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे संयम बनाए रखें और वन विभाग के निर्देशों का पालन करें।

