नरेश गुनानी
नई दिल्ली | 05 मई, 2026
भारतीय सेना की परिचालन क्षमता और तकनीकी शक्ति को बढ़ाने की दिशा में रक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को मंत्रालय ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ 1,476 करोड़ रुपये के एक महत्वपूर्ण अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत भारतीय सेना के लिए पाँच ‘ग्राउंड-बेस्ड मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम’ (Ground-Based Mobile Electronic Systems) की खरीद की जाएगी।
प्रमुख बिंदु:
- स्वदेशी तकनीक पर जोर: ये प्रणालियाँ ‘बाय इंडिया – आईडीडीएम’ (Indigenously Designed, Developed and Manufactured) श्रेणी के तहत विकसित की गई हैं। इनमें न्यूनतम 72% स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
- हस्ताक्षर समारोह: अनुबंध पर हस्ताक्षर नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-दो में हुए। इस अवसर पर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
- आधुनिकीकरण: इन मोबाइल प्रणालियों के शामिल होने से सेना की विभिन्न इकाइयों का आधुनिकीकरण होगा। जमीन पर स्थित और आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाई जाने वाली ये प्रणालियाँ युद्ध क्षेत्र में सेना की इलेक्ट्रॉनिक युद्धक क्षमता को मजबूत करेंगी।
आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
यह अनुबंध न केवल सेना की सामरिक जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि देश के स्वदेशी रक्षा विनिर्माण तंत्र को भी सुदृढ़ बनाता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक-इन-इंडिया’ पहल के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
हैदराबाद स्थित BEL इकाई द्वारा इन प्रणालियों का निर्माण किया जाएगा, जिससे घरेलू रक्षा उद्योगों और एमएसएमई (MSME) क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह कदम वैश्विक स्तर पर रक्षा निर्यातक बनने की भारत की आकांक्षाओं को भी बल प्रदान करता है।