रक्षा बंधन का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया
भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और विश्वास का संचार
By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 10,2025
(हर्ष पाराशर) अजमेर/पुष्कर — देशभर में शनिवार, 9 अगस्त को भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट विश्वास के प्रतीक रक्षा बंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना की, वहीं भाइयों ने भी अपनी बहनों को जीवनभर सुरक्षा और स्नेह का वचन दिया।
पुष्कर में दिखा उल्लास का माहौल
पुष्कर में सुबह से ही त्योहार का उत्साह चरम पर रहा। शहर के बाजारों में बहनों की भीड़ राखी, मिठाई और नारियल खरीदने में जुटी रही। रंग-बिरंगी राखियों की दुकानों पर दिनभर चहल-पहल बनी रही। दुकानदारों के मुताबिक इस बार डिजाइनर राखियों और पर्यावरण-अनुकूल राखियों की भी खूब मांग रही।
शुभ मुहूर्त में बंधा रक्षा सूत्र
पंडितों द्वारा बताए गए सार्थ सिद्धि योग में बहनों ने विधिवत रूप से अपने भाइयों की कलाई पर तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर और रक्षा सूत्र बांधकर परंपरा निभाई। इस दौरान घर-घर में मिठाइयों की खुशबू और पारिवारिक मिलन का माहौल देखने को मिला।
उपहारों और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान
भाइयों ने अपनी बहनों को उपहार, मिठाई और कपड़े भेंट किए, वहीं बहनों ने भी भाइयों के लिए राखियों के साथ शुभकामनाएं दीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस पर्व का आनंद लिया।
त्योहार का महत्व
रक्षाबंधन न केवल भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है, बल्कि परिवार और समाज में प्रेम, विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ करता है। इस पर्व पर निभाई जाने वाली परंपराएं भारतीय संस्कृति की गहराई और रिश्तों की अहमियत को दर्शाती हैं।