गनपत चौहान
सामाजिक न्याय की ओर कदम: यूपी में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के हितों और आरक्षण की समीक्षा के लिए नए ‘पिछड़ा वर्ग आयोग’ के गठन को कैबिनेट की मंजूरी।
- लोकतंत्र सेनानियों को सौगात: आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों और उनके आश्रितों को अब मिलेगी मुफ्त कैशलेस इलाज की सुविधा।
- कैबिनेट की पहली बैठक: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 12 महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों पर लगी मुहर।
लखनऊ
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपनी कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई दूरगामी फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सबसे बड़ा और संवेदनशील फैसला ‘पिछड़ा वर्ग आयोग’ के गठन को लेकर रहा। सरकार के इस कदम को राज्य में ओबीसी (OBC) राजनीति और आरक्षण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा दांव माना जा रहा है।
1. पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन और इसका महत्व
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। यह आयोग राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण, उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति और सरकारी योजनाओं के लाभों की समीक्षा करेगा। निकाय चुनाव और अन्य स्तरों पर ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुपालन और त्रिस्तरीय व्यवस्था को सुदृढ़ करने में यह आयोग बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
2. लोकतंत्र सेनानियों के लिए कैशलेस इलाज का तोहफा
योगी सरकार ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल (Emergency) के दौरान संघर्ष करने वाले ‘लोकतंत्र सेनानियों’ को बड़ा सम्मान दिया है। कैबिनेट ने फैसला किया है कि राज्य के सभी लोकतंत्र सेनानियों और उनके पात्र आश्रितों को सरकारी और अनुबंधित निजी अस्पतालों में मुफ्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को जल्द से जल्द रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
3. अन्य 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी
पिछड़ा वर्ग आयोग और कैशलेस इलाज के अलावा, कैबिनेट ने बुनियादी ढांचे (Infrastructure), रोजगार, और ग्रामीण विकास से जुड़े 10 अन्य अहम प्रस्तावों पर भी अपनी स्वीकृति दी है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- राज्य के बुनियादी ढांचे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार से जुड़े प्रस्ताव।
- युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने और कौशल विकास योजनाओं में तेजी लाना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजटीय आवंटन की मंजूरी।
राजनीतिक और सामाजिक मायने
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के जरिए योगी सरकार ने विपक्ष के जातिगत जनगणना और ओबीसी राजनीति के नैरेटिव को कुंद करने का प्रयास किया है। वहीं, लोकतंत्र सेनानियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देकर सरकार ने अपने वैचारिक कोर-वोटर और वरिष्ठ नागरिकों को एक बड़ा और सकारात्मक संदेश दिया है।
कैबिनेट के इन फैसलों से न सिर्फ प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि समाज के हर वर्ग तक सरकारी योजनाओं की पहुंच और आसान होगी।