नरेश गुनानी
जयपुर, 07 अप्रैल 2026
नगरीय विकास एवं आवासन विभाग (UDH) के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता ने मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित 181 कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं परिवादियों से सीधे फोन पर बात की और दर्ज समस्याओं के समाधान की स्थिति का फीडबैक लिया।
परिवादियों से सीधा संवाद और फीडबैक
निरीक्षण के दौरान आलोक गुप्ता ने विभिन्न जिलों के परिवादियों से मोबाइल पर चर्चा की और उनकी समस्याओं को सुना:
- जोधपुर: निवासी रामकिशोर ने क्षेत्र में सीवर लाइन का मेनहोल खुला होने की शिकायत की, जिस पर एसीएस ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के आदेश दिए। वहीं जोधपुर के ही राघव से भी उनकी समस्या पर बात की गई।
- अजमेर एवं उदयपुर: अजमेर के राजेंद्र और उदयपुर के मुकेश से संवाद कर उनकी शिकायतों के समाधान और उससे आए परिवर्तन के बारे में जानकारी ली गई।
- मुख्य मुद्दे: जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से रोड लाइट, सीवरेज नेटवर्क और पट्टा आवंटन से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
पोर्टल और लंबित प्रकरणों की समीक्षा
कंट्रोल रूम के दौरे के पश्चात आलोक गुप्ता ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के संबंध में विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:
- शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर न होकर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होना चाहिए।
- प्रकरणों के निस्तारण की औसत अवधि (Average Disposal Time) को कम किया जाए।
- समाधान के बाद परिवादी की संतुष्टि के स्तर (Satisfaction Level) में सुधार सुनिश्चित किया जाए।
विभागीय प्रदर्शन के आंकड़े
समीक्षा बैठक में बताया गया कि इस वर्ष जनवरी माह से अब तक विभाग ने बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों को निपटाया है। डेटा के अनुसार:
- यूआईटी (UIT): 23 हजार 627 शिकायतों का निस्तारण।
- जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA): 20 हजार 141 से अधिक शिकायतों का समाधान।
- जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA Jodhpur): 12 हजार 885 परिवादों का निस्तारण किया जा चुका है।
प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित शिकायतों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पोर्टल पर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर समाधान होने से जनता का प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत होता है, अतः शिकायतों को लंबे समय तक लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा।