युवा संगम: तेलंगाना के राज्यपाल ने मेघालय के छात्र प्रतिनिधिमंडल से किया संवाद; राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक धरोहरों पर हुई चर्चा

हैदराबाद/आर बी चतुर्वेदी/तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने हैदराबाद के लोक भवन में युवा संगम के छठे चरण के अंतर्गत मेघालय से आए एक छात्र प्रतिनिधिमंडल से विशेष संवाद किया। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) शिलांग के नेतृत्व में आया यह प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय एकता और अंतर-सांस्कृतिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तेलंगाना के शैक्षिक और सांस्कृतिक दौरे पर है।

सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता पर जोर

​लोक भवन में आयोजित इस संवाद के दौरान राज्यपाल ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में सहायक होते हैं।

    • अनुभव साझा करना: मेघालय के छात्र प्रतिनिधियों ने युवा संगम यात्रा के दौरान हुए अपने अनूठे अनुभवों को राज्यपाल के साथ साझा किया।
    • स्मृति चिन्ह भेंट: संवाद के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने सम्मान के प्रतीक के रूप में राज्यपाल को एक स्मृति चिन्ह भेंट किया।

​इस यात्रा और संवाद का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारत की विविधता, लोकतांत्रिक मूल्यों और एकता की भावना से गहराई से परिचित कराना है।

 

तेलंगाना के ऐतिहासिक और आधुनिक केंद्रों का दौरा

​मेघालय के छात्रों के इस दल ने अपने प्रवास के दौरान तेलंगाना की समृद्ध विरासत, शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को करीब से देखा। उनके दौरे के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित रहे:

क्षेत्र

घूमे गए प्रमुख स्थल

ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थल

रामप्पा मंदिर, वारंगल किला, भद्रकाली मंदिर, हजार स्तंभ मंदिर और स्टैचू ऑफ इक्वेलिटी।

प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक केंद्र

हुसैन सागर झील और कान्हा शांति वनम (समग्र स्वास्थ्य प्रथाओं की जानकारी के लिए)।

नवाचार एवं स्टार्टअप

टी-हब (भारत के बढ़ते स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को समझने के लिए)।

मेजबान संस्थान एनआईटी वारंगल की भूमिका

​इस यात्रा का आधिकारिक शुभारंभ 25 मई को इसके मेजबान संस्थान, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) वारंगल में उत्साहपूर्ण स्वागत के साथ हुआ था।

  • अनुसंधान और नवाचार: छात्रों ने एनआईटी वारंगल की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का अवलोकन किया।
  • पर्यावरण पहल: परिसर में पर्यावरण स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए एक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।
  • समारोह का समापन: इस यात्रा का समापन 30 मई को एक विशेष विदाई कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसके बाद यह दल 31 मई को मेघालय के लिए रवाना हो गया।

क्या है युवा संगम पहल?

​शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई यह पहल देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं को एक साथ लाती है। इसका मुख्य उद्देश्य गहन शैक्षिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सद्भाव और भावनात्मक जुड़ाव को सुदृढ़ करना है, जिससे युवा राष्ट्र निर्माण की साझा आकांक्षाओं को समझ सकें।

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