युवाओं के लिए स्वरोजगार की राह खुली: ₹10 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण, आवेदन प्रक्रिया शुरू
जयपुर, 24 जनवरी 2026
| नरेश गुनानी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ के तहत अब राज्य के युवा स्वयं का उद्योग स्थापित करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण और 50 हजार रुपये तक की मार्जिन मनी देने का प्रावधान किया गया है।
आवेदन कैसे करें?
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने बताया कि आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। युवा अपनी एसएसओ आईडी (SSO ID) या नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। 12 जनवरी को योजना के शुभारंभ के मात्र 10 दिन के भीतर ही विभाग ने पोर्टल और गाइडलाइन तैयार कर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
योजना के मुख्य लाभ और वित्तीय सहायता
सरकार का लक्ष्य प्रदेश के एक लाख युवाओं को इस योजना से लाभान्वित करना है।
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पात्रता/श्रेणी |
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (ऋण सीमा) |
सेवा एवं व्यापार सेक्टर (ऋण सीमा) |
मार्जिन मनी सहायता |
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8वीं से 12वीं उत्तीर्ण |
₹7.5 लाख तक |
₹3.5 लाख तक |
₹35,000 तक |
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स्नातक/ITI या अधिक |
₹10 लाख तक |
₹5 लाख तक |
विशेष लाभ: 1. ब्याज मुक्त: राज्य सरकार ऋण पर लगने वाले 100% ब्याज का पुनर्भरण करेगी।
2. CGTMSE शुल्क: क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट शुल्क का पुनर्भरण भी सरकार द्वारा किया जाएगा।
पात्रता और आवश्यक दस्तावेज
- पात्रता: आवेदक राजस्थान का मूल निवासी हो और उसकी आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यदि कोई फर्म या कंपनी है, तो उसमें 51% से अधिक हिस्सेदारी इसी आयु वर्ग के युवाओं की होनी अनिवार्य है।
- जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, फोटो, शैक्षणिक/तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र।
चयन प्रक्रिया
आवेदन जमा होने के बाद जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र पर साप्ताहिक बैठक आयोजित की जाएगी। पात्र आवेदनों की समीक्षा कर उन्हें संबंधित बैंकों को ऋण वितरण के लिए भेजा जाएगा।
”मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार इस योजना से न केवल नए उद्योग स्थापित होंगे, बल्कि भविष्य में प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक युवाओं तक इस आर्थिक सहायता को पहुँचाया जाए।”
— सुरेश कुमार ओला, उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त