जयपुर/ योगेश शर्मा/डिग्गी-मालपुरा मार्ग स्थित ग्राम रातल्या में मंगलवार को देशभक्ति और अमर शहीदों के प्रति कृतज्ञता की प्रेरक मिसाल देखने को मिली। गांव के युवाओं की सकारात्मक सोच और ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से गांव के मुख्य सार्वजनिक चौक का नामकरण ‘शहीद भगत सिंह चौक’ के रूप में किया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में ग्रामीणों ने मां भारती के वीर सपूतों को याद कर भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की।
’इंकलाब जिंदाबाद’ और देशभक्ति के नारों से गूंजा परिवेश
नामकरण समारोह के दौरान पूरा परिसर शहीद-ए-आजम भगत सिंह और अमर क्रांतिकारियों के जयकारों से गूंज उठा। उपस्थित जनसमूह ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। वक्ताओं ने उपस्थित युवाओं और बच्चों से स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों, त्याग और राष्ट्रप्रेम को अपने दैनिक आचरण में आत्मसात करने का आह्वान किया।
भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा चौक
समारोह में विचार व्यक्त करते हुए समाजसेवी दिनेश बागड़ा एवं कृष्ण बागड़ा ने बताया कि गांव के युवा लंबे समय से शहीदों की गौरवगाथा और स्मृतियों को गांव की पहचान से जोड़ने का प्रयास कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साझा सहयोग से चौक का नामकरण ‘भगत सिंह चौक’ किया गया है। यह स्थल केवल एक भौगोलिक पहचान भर नहीं रहेगा, बल्कि गांव से गुजरने वाले हर नागरिक और आने वाली भावी पीढ़ियों को देश की आजादी के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदानों और संघर्ष की निरंतर याद दिलाएगा।
ग्रामीणों और युवाओं की रही व्यापक भागीदारी
नामकरण को लेकर गांव के हर वर्ग में खासा उत्साह दिखा। इस गौरवमयी आयोजन में प्रमुख रूप से:
- ग्रामीण एवं युवा प्रतिनिधि: राकेश मेहता, रामगोपाल शर्मा, जितेन्द्र बाबड़ी, रामकृष्ण शर्मा, महेश बागड़ा, रघुनाथ धनवंता, विकास मेहता सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा और गणमान्य ग्रामीण मौजूद रहे।
रातल्या में स्थापित यह ‘भगत सिंह चौक’ अब समूचे क्षेत्र में त्याग, राष्ट्रसेवा और सामाजिक एकता के जीवंत प्रतीक के रूप में पहचाना जाएगा।