जयपुर, 25 जून 2026 / गौरव कोचर/राजस्थान की सड़कों पर अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान पुलिस का विशेष प्रवर्तन अभियान पूरी मारक क्षमता के साथ जारी है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के कड़े निर्देशों के बाद प्रदेशभर की यातायात पुलिस और जिला पुलिस की टीमें सड़कों पर मुस्तैद हैं।
इस पूरे महा-अभियान की कमान यातायात महानिदेशक अनिल पालीवाल स्वयं संभाल रहे हैं। उनके सतत पर्यवेक्षण (Supervision) के चलते प्रदेश में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है, जिससे वाहन चालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
21 दिनों का समेकित रिपोर्ट कार्ड: कहां-कितनी हुई कार्रवाई
अतिरिक्त महानिदेशक, पुलिस यातायात डॉ. बी. एल. मीणा ने बताया कि समेकित आंकड़ों के अनुसार इस विशेष अभियान के तहत गत 4 जून से 24 जून तक महज 21 दिनों में पूरे प्रदेश में कुल 1,65,745 वाहनों के खिलाफ कड़ी चालानी कार्रवाई की जा चुकी है।
21 दिनों में विभिन्न श्रेणियों के तहत की गई प्रमुख कार्रवाइयों का विवरण इस प्रकार है:
- ब्लैक फिल्म: वाहनों के शीशों पर अवैध रूप से ब्लैक फिल्म लगाने के सर्वाधिक 61,506 मामले।
- दोषपूर्ण नंबर प्लेट: नियम विरुद्ध नंबर प्लेट एवं पंजीयन चिन्ह पाए जाने पर 42,045 चालान।
- अनधिकृत लेखन: वाहनों पर जाति, पद या अनधिकृत शब्द, चिन्ह लिखवाने पर 23,141 कार्रवाई।
- मॉडिफिकेशन (अवैध परिवर्तन): वाहन की मूल संरचना (बॉडी/चेसिस) में अवैध छेड़छाड़ के 17,206 मामले।
- हूटर और फ्लैशर: अनाधिकृत रूप से लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर एवं हूटर लगाने पर 12,987 चालान।
- प्रेशर हॉर्न: ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले प्रेशर हॉर्न एवं एयर हॉर्न के 8,860 मामले।
बुधवार को एक ही दिन में टूटे रिकॉर्ड, अजमेर रहा सबसे आगे
बुधवार, 24 जून को अकेले एक ही दिन में राज्यभर में कुल 7,228 चालान एवं प्रवर्तन कार्रवाई की गई। जिलों के स्तर पर इस दिन अजमेर जिला सर्वाधिक सक्रिय रहा, जहां कुल 771 कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इसके बाद सीकर में 623, कोटा शहर में 287, चित्तौड़गढ़ में 263 और जालौर में 233 मामलों में कार्रवाई दर्ज की गई।
24 जून (एक दिन) की कार्रवाई का वर्गीकरण:
- ब्लैक फिल्म: 2,541 चालान
- नियम विरुद्ध नंबर प्लेट: 1,678 मामले
- वाहन संरचना में अवैध परिवर्तन: 1,016 मामले
- अनधिकृत शब्द एवं चिन्ह: 872 चालान
- अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती व हूटर: 763 मामले
- प्रेशर हॉर्न का उपयोग: 358 चालान
जयपुर कमिश्नरेट, कोटा और जोधपुर में कड़ा जांच अभियान
राजधानी की बात करें तो जयपुर कमिश्नरेट के सभी पांचों क्षेत्रों (यातायात, पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण) को मिलाकर बुधवार को कुल 800 कार्रवाइयां की गईं। इसमें जयपुर पश्चिम क्षेत्र में सर्वाधिक 421 चालान काटे गए। इसके अतिरिक्त जयपुर ग्रामीण इलाके में भी मुस्तैदी दिखाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले 344 वाहनों को सीज व चालान की कार्रवाई से गुजारा गया।
पुलिस की अपील: सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, जिम्मेदारी है
राजस्थान पुलिस ने इस कड़े अभियान के बीच आमजन से बेहद जिम्मेदारी से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि:
- वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध संशोधन (मॉडिफिकेशन) न करवाएं।
- ब्लैक फिल्म, प्रेशर हॉर्न, अनधिकृत हूटर, फ्लैशर या लाल-नीली बत्ती का उपयोग कतई न करें।
- परिवहन विभाग के नियमों के अनुरूप तय मानक वाली नंबर प्लेट का ही प्रयोग करें।
विशेष नोट: पुलिस विभाग का मानना है कि सड़क सुरक्षा केवल कानूनी प्रवर्तन या डंडे के दम पर नहीं, बल्कि नागरिकों की स्वयं की जागरूकता और जिम्मेदारी से ही सुनिश्चित की जा सकती है। राज्यभर में यह विशेष महा-अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।