यमुना जल समझौता: शेखावाटी और हरियाणा के लिए वरदान बनेगी अंडरग्राउंड पाइपलाइन, डबल इंजन सरकार ने खत्म किया दशकों पुराना इंतजार

जयपुर/चंडीगढ़ / नरेश गुनानी /दशकों से लंबित यमुना जल समझौते को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच एक ऐतिहासिक सहमति बन गई है। इस समझौते के तहत हथिनीकुंड बैराज से भूमिगत (underground) पाइपलाइन के माध्यम से पानी राजस्थान लाया जाएगा। इस परियोजना से न केवल राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र की प्यास बुझेगी, बल्कि हरियाणा के भी कई क्षेत्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

​इस महत्वपूर्ण विकास कार्य को लेकर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने डबल इंजन सरकार की कार्यशैली और केंद्रीय नेतृत्व की सराहना की है।

​डबल इंजन सरकार से संभव हुआ ऐतिहासिक समझौता

​राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पूर्वी राजस्थान से जुड़ी राम जल सेतु लिंक परियोजना हो या हर घर तक नल से शुद्ध जल पहुंचाने का जल जीवन मिशन, यह सब ‘डबल इंजन सरकार’ की शक्ति के कारण ही संभव हो सका है। मुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार को परिभाषित करते हुए कहा:

​”डबल इंजन सरकार का अर्थ है—बिना विलंब के निर्णय, बिना बाधा के क्रियान्वयन, और जन-कल्याण के संकल्प में पूर्ण समन्वय।”

 

​उन्होंने इस समझौते को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक भूमिका को याद किया, जिसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत ने भी पूर्व में आभार जताया था।

​केंद्रीय नेतृत्व और सहयोगी राज्यों का जताया आभार

​मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने दोनों राज्यों के मध्य एक मजबूत सेतु बनकर संवाद को सतत बनाए रखा और हर पड़ाव पर संरक्षक की भूमिका निभाते हुए इस समझौते को सफल बनाया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सक्रिय व सकारात्मक सहयोग के लिए भी हार्दिक आभार व्यक्त किया।

​परियोजना की मुख्य विशेषताएं और दोनों राज्यों को लाभ

​इस समझौते के तहत बुनियादी ढांचे और जल वितरण को लेकर कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं:

  • अंडरग्राउंड पाइपलाइन: हथिनीकुंड बैराज से भूमिगत पाइपलाइन के जरिए पानी राजस्थान लाया जाएगा, जिससे पानी की बर्बादी रुकेगी।
  • शेखावाटी और हरियाणा को फायदा: इस परियोजना से राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र को पानी मिलने के साथ-साथ हरियाणा के भी 10 स्थानों पर पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
  • सड़क निर्माण से विकास: पाइपलाइन रूट के अंतर्गत बनने वाली सड़क से हरियाणा में विकास और कनेक्टिविटी की नई राहें खुलेंगी।
  • हासियावास जलाशय: राजस्थान के हासियावास में एक विशाल जलाशय (रिजर्ववायर) का निर्माण किया जाएगा, जिससे हरियाणा के निवासियों को भी पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।

​पानी पहुंचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी: नायब सिंह सैनी

​हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि वर्षा के अतिरिक्त पानी को पाइपलाइन के माध्यम से हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान तक ले जाया जाएगा, जिसका उपयोग शुद्ध पेयजल के रूप में होगा। राजस्थान के मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा:

​”बहुत लंबे समय से लंबित पड़ी यह परियोजना अब आखिरकार साकार होने जा रही है। हरियाणा इसमें पूर्ण रूप से सहयोग करेगा, क्योंकि हर व्यक्ति तक पानी की पहुंच सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”

 

​उच्च स्तरीय बैठक में बनी सहमति

​इस ऐतिहासिक निर्णय और कार्ययोजना के दौरान राजस्थान एवं हरियाणा के मुख्य सचिवों सहित दोनों राज्यों के जल संसाधन और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी भी तरह का विलंब न हो।

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