जयपुर/ नरेश गुनानी/मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यमुना जल समझौते के योजनाबद्ध क्रियान्वयन को लेकर जल संसाधन विभाग के उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सभी संबंधित विभाग ‘मिशन मोड’ पर काम करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ऐतिहासिक परियोजना में किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शेखावाटी क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यमुना जल समझौता शेखावाटी क्षेत्र के विकास और वहां के नागरिकों के लिए एक ऐतिहासिक सौगात है। समझौते के बाद से अब तक जिस गति से काम आगे बढ़ा है, उसी निरंतरता को बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से मॉनिटरिंग (समीक्षा) करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के प्रमुख दिशा-निर्देश:
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- फील्ड विजिट: जल संसाधन विभाग के अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहकर सीधे फील्ड में जाएं और परियोजना की जमीनी प्रगति को गति प्रदान करें।
- मैनपावर का नियोजन: परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यकतानुसार पर्याप्त और कुशल मैनपावर (कर्मचारियों) की तैनाती तुरंत की जाए।
- एमओए का अनुपालन: मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MOA) के नियमों और शर्तों के अनुरूप ही परियोजना की हर रूपरेखा तय की जाए।
केन्द्र और पड़ोसी राज्य का जताया आभार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह की विशेष पहल के कारण ही यह दशक पुराना यमुना जल समझौता संभव हो सका है। उन्होंने इस भागीरथी प्रयास को साकार करने में पूर्ण सहयोग देने के लिए केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
बैठक में विस्तृत प्रस्तुतीकरण
समीक्षा बैठक के दौरान जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और तकनीकी पहलुओं को लेकर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) दिया।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी व मंत्री:
इस उच्च स्तरीय बैठक में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव (वित्त) वैभव गालरिया सहित जल संसाधन विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।