जयपुर/ नरेश गुनानी/राजस्थान की महत्वाकांक्षी यमुना जल परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए आवश्यक हाइड्रोलॉजी और अंतरराज्यीय स्वीकृतियां आधिकारिक रूप से जारी कर दी गई हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित यमुना जल परियोजना की समीक्षा बैठक में दी गई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे राजस्थान के जल संसाधन विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे निर्माण कार्यों को गति मिलेगी और प्रदेश को उसके हिस्से का यमुना जल उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूती प्राप्त होगी।
केंद्रीय जल आयोग में डीपीआर की समीक्षा
बैठक में जानकारी दी गई कि 21 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली स्थित केंद्रीय जल आयोग (CWC) में यमुना जल परियोजना की डीपीआर की विस्तृत समीक्षा की गई थी। मुख्यमंत्री ने परियोजना के कंसल्टेंट ‘नेबकॉन’ (NABCONS) के विशेषज्ञों एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से डीपीआर अनुमोदन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
धनोटी जलाशय की तकनीकी निविदा 27 अगस्त को खुलेगी
जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार ने परियोजना के जमीनी कार्यों की प्रगति साझा करते हुए बताया:
- चूरू के हॉसियावास में प्रस्तावित तीन जलाशयों में से धनोटी जलाशय की निविदा पहले ही जारी की जा चुकी है।
- इस जलाशय के निर्माण के लिए तकनीकी निविदा 27 अगस्त, 2026 को खोली जाएगी।
एसपीवी (SPV) गठन के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पूरी प्रक्रिया को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, 29 जून, 2026 को हुए सहमति पत्र (MoA) के प्रावधानों के अनुरूप स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के गठन का प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) अखिल अरोड़ा सहित जल संसाधन और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।