नई दिल्ली/ प्रीति बालानी/सितंबर का महीना खत्म होने की कगार पर है, लेकिन देश के कई हिस्सों में मानसून की विदाई से पहले बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। कहीं हल्की से मध्यम तो कहीं अचानक मूसलाधार बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। इसी कड़ी में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 सितंबर को लेकर एक ताजा चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक, देश के 11 राज्यों में आज बादलों का कड़ा पहरा रहेगा, जहां तेज आंधी, बिजली कड़कने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इन 11 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में एक सक्रिय वेदर सिस्टम बना हुआ है, जिसके प्रभाव से निम्न राज्यों में बारिश की तीव्र गतिविधियां देखने को मिलेंगी:
- उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान।
- उत्तराखंड: पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन (Landslide) और संवेदनशील सड़कों के बंद होने का खतरा।
- मध्य प्रदेश: उत्तरी और पूर्वी जिलों में बादलों का तेज जमावड़ा, कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका।
- बिहार: गंगा के तटीय और उत्तरी जिलों में तेज बौछारें और तेज हवाएं चलने का यलो/ऑरेंज अलर्ट।
- झारखंड: राज्य के अधिकांश इलाकों में रुक-रुक कर भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना।
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी क्षेत्रों में जलभराव और पहाड़ी ढलानों पर सतर्कता बरतने की सलाह।
- ओडिशा: तटीय और अंदरूनी हिस्सों में गरज के साथ तेज बारिश व 50-60 किमी/घंटे की हवाएं।
- छत्तीसगढ़: मध्य और उत्तरी हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान।
- असम व मेघालय: पूर्वोत्तर के इन राज्यों में लगातार बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका।
- अरुणाचल प्रदेश: ऊंचे इलाकों में मूसलाधार बारिश और मिट्टी धंसने का जोखिम।
- महाराष्ट्र (विदर्भ व कोंकण): कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ अचानक तेज वर्षा की संभावना।
तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ-साथ बादलों की गरज और 60 किमी प्रति घंटे तक की गति से तेज झोंके चलेंगे।
- कच्चे मकानों और पेड़ों को खतरा: तेज हवाओं के कारण पुराने व कमजोर पेड़ गिरने, टहनियां टूटने और कच्चे मकानों या टीन शेड को नुकसान पहुंचने की संभावना है।
- यातायात पर असर: भारी बारिश के कारण दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है और निचले इलाकों में जलजमाव से सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।
नागरिकों और किसानों के लिए जारी सलाह
- सुरक्षित स्थानों पर रहें: आंधी-तूफान या बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों।
- किसानों को निर्देश: खेतों में कटी हुई फसलों या खलिहान में रखे अनाज को सुरक्षित ढंकने की व्यवस्था करें ताकि नमी और बारिश से नुकसान न हो।
- यात्रा से बचें: पहाड़ी इलाकों (उत्तराखंड व सिक्किम) में यात्रा करने वाले लोग स्थानीय मौसम बुलेटिन देखकर ही निकलें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों के दौरान इस मौसमी तंत्र का असर धीरे-धीरे कम होगा, जिसके बाद मानसून की वापसी की रेखा आगे बढ़ेगी। तब तक आम जनता को सतर्क और सुरक्षित रहने की हिदायत दी गई है।