जयपुर, 21 अगस्त/ सुनील शर्मा/किसानों को प्रतिकूल मौसम एवं अवांछित मौसमी घटनाओं से होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए राज्य सरकार ने पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) लागू की है। यह योजना प्रदेश में खरीफ 2026 से रबी 2026-27 तक दो फसल सत्रों के लिए प्रभावी रहेगी। योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (AIC) को अधिकृत किया गया है।

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के बीमा के लिए 11 अगस्त 2026 को अधिसूचना जारी की जा चुकी है। इसका उद्देश्य काश्तकारों को जोखिम मुक्त बनाकर उनकी आय को स्थायित्व प्रदान करना है।
प्रदेश के 41 जिलों में अधिसूचित फसलें
- खरीफ 2026: हरी मिर्च, भिंडी, प्याज, टमाटर, अरंडी, अनार, टिंडा, मेहंदी, संतरा और किन्नू।
- रबी 2026-27: आंवला, बैंगन, सौंफ, फूलगोभी, लहसुन, प्याज, मटर, टमाटर, आलू, अमरूद, नींबू, आम, खरबूजा, तरबूज, बेर, पत्तागोभी, मौसंबी और पपीता।
पात्रता, प्रीमियम और अनिवार्य दस्तावेज
- सभी वर्ग के लिए खुला: योजना का लाभ ऋणी, गैर-ऋणी और पात्र बंटाईदार किसान उठा सकते हैं। फसल बीमा कराना पूरी तरह स्वैच्छिक है।
- एग्रीस्टैक आईडी अनिवार्य: ऋणी एवं गैर-ऋणी दोनों प्रकार के किसानों के लिए फसल बीमा कराने हेतु एग्रीस्टैक आईडी होना अनिवार्य है।
- रियायती प्रीमियम: वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए किसानों को बीमित राशि का अधिकतम 5 प्रतिशत प्रीमियम ही देना होगा। शेष प्रीमियम राशि का वहन केंद्र और राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार किया जाएगा।
महत्वपूर्ण तिथियां एवं आवेदन प्रक्रिया
- ऑप्ट-आउट (योजना से बाहर रहने) की तिथि: योजना से बाहर रहने के इच्छुक ऋणी किसानों को 24 अगस्त 2026 तक संबंधित वित्तीय संस्थान में घोषणा-पत्र (Opt-Out Form) प्रस्तुत करना होगा।
- फसल नाम परिवर्तन की अंतिम तिथि: किसान 29 अगस्त 2026 तक बोई गई फसल के नाम में बदलाव करवा सकते हैं।
काश्तकार अपनी नजदीकी बैंक शाखा, सहकारी समिति, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सीएससी (CSC), डाकघर अथवा अधिकृत बीमा प्रतिनिधि के माध्यम से बीमा करवा सकते हैं। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने अपील की है कि किसान अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर बीमा करवाकर अपनी फसलों को सुरक्षा कवच प्रदान करें।